दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा: प्रदर्शन के दौरान हिंसा के दावे पूरी तरह गलत भारत एक महीने पहले 43
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के संबंध में सोशल मीडिया पर फैलाई गई हिंसा की खबरों का दिल्ली पुलिस ने खंडन किया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी महिला या बच्ची पर हमले की घटना नहीं हुई है।

दिल्ली पुलिस ने अफवाहों को नकारा

दिल्ली में जारी प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर फैली हिंसा की खबरों पर दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक रूप से स्पष्टीकरण दिया है। पुलिस ने साफ तौर पर कहा है कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी व्यक्ति पर कोई हमला नहीं हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास द्वारा किए गए दावों को दिल्ली पुलिस ने पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। सौरव दास ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया था कि प्रदर्शन के दौरान एक 12 साल की लड़की पर हमला किया गया और करीब 40 से 50 लोगों के सिर फोड़ दिए गए। इतना ही नहीं, उन्होंने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि के साथ मारपीट और उनके बाल खींचने के भी आरोप लगाए थे।

सौरव दास के दावे और पुलिस का जवाब

सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए तीखे सवाल पूछे थे। उन्होंने लिखा था कि गीतांजलि के साथ हाथापाई की गई और प्रदर्शनकारियों के सिर फोड़े गए। इस सनसनीखेज दावे के जवाब में दिल्ली पुलिस ने एक विस्तृत बयान जारी किया है। दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक हैंडल से स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही जानकारी में कोई सच्चाई नहीं है। पुलिस ने कहा, यह पूरी तरह से गलत सूचना है कि गीतांजलि या किसी 12 साल की बच्ची पर हमला हुआ है या किसी के भी सिर में चोट आई है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे इस तरह की भ्रामक जानकारी को न फैलाएं और न ही इसे बढ़ावा दें।

जंतर-मंतर पर क्या हुई कार्रवाई?

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल को पूरी तरह से खाली करवा लिया है। घटनाक्रम के अनुसार, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं के साथ बातचीत की है, हालांकि इस वार्ता में सरकार की ओर से कोई ठोस वादा नहीं किया गया है। वर्तमान में कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इन मांगों में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, सोनम वांगचुक को वापस जंतर-मंतर लाने की अनुमति और नीट परीक्षा के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देना शामिल है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच, कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने अपनी चल रही भूख हड़ताल को समाप्त करने का निर्णय लिया है। पार्टी का दावा है कि उन्हें सरकार की तरफ से चर्चा के लिए बुलाया गया है, जिसके बाद ही अभिजीत दीपके ने यह कदम उठाया है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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