मतदाता सूची से कट गया है आपका नाम, तो अब चिंता छोड़ें, चुनाव आयोग ने बताया यह आसान तरीका उत्तराखंड 2 घंटे पहले 8
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं, जिसके तहत चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण और नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर प्रशासनिक हलचल काफी तेज हो गई है। राज्य में मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है, ताकि मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनाया जा सके। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने इस संबंध में राज्य के विभिन्न मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। इस उच्चस्तरीय चर्चा के दौरान चुनाव आयोग द्वारा तय की गई गाइडलाइन्स के तहत आगामी चुनाव की तैयारियों और मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान पर विस्तार से विमर्श किया गया।

12 नवंबर को जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची

चुनाव आयोग की योजना के मुताबिक, राज्य में 12 नवंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। यह सूची जारी होने के बाद आम नागरिकों को अपना नाम जांचने का मौका मिलेगा। यदि किसी मतदाता का नाम सूची से गायब है, या वे कोई संशोधन करवाना चाहते हैं, तो वे अपने दावे और आपत्तियां निर्धारित समय सीमा के भीतर दर्ज करवा सकेंगे। चुनाव विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी रहेगी और आम जनता की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

युवा मतदाताओं के लिए सुनहरा मौका

इस पुनरीक्षण अभियान का सबसे बड़ा लाभ उन युवाओं को मिलेगा जो पहली बार मताधिकार का प्रयोग करने जा रहे हैं। निर्वाचन विभाग के अनुसार, जो युवा 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे, वे अपना नाम वोटर लिस्ट में शामिल करवाने के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। विभाग ने यह भी जानकारी दी है कि हाल ही में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान नए नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 के माध्यम से कुल 1,00,744 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो युवाओं में बढ़ते मतदान उत्साह को दर्शाता है।

मशीनों की जांच प्रक्रिया शुरू

निष्पक्ष और त्रुटिहीन चुनाव सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन विभाग ने तकनीकी स्तर पर भी तैयारी शुरू कर दी है। राज्य के सभी जिलों में ईवीएम (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच यानी एफएलसी (FLC) की प्रक्रिया का आगाज हो चुका है। इस तकनीकी जांच के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है। इस तरह के कदमों का उद्देश्य चुनाव प्रणाली पर आम जनता का भरोसा कायम रखना है। राज्य निर्वाचन कार्यालय का प्रयास है कि चुनाव से पहले मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी न रहे, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग आसानी से कर सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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