उत्तराखंड
एक घंटा पहले
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उत्तराखंड में मौसम का कहर और IMD की चेतावनी
उत्तराखंड में मानसून की बारिश अब अपने चरम पर है और इसने राज्य के पर्वतीय व मैदानी इलाकों में विकराल रूप धारण कर लिया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 05 अगस्त के लिए पूरे राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से देहरादून और बागेश्वर जिलों को लेकर चिंता जताई गई है, जहां कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा के साथ बिजली गिरने और बारिश के तीव्र दौर आने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़ और उधमसिंह नगर में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने स्पष्ट हिदायत दी है कि लोग उफनती नदियों और नालों के करीब न जाएं, क्योंकि पहाड़ों पर लगातार चट्टानें दरकने और भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं।
लगातार बारिश और अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान
पहाड़ों पर बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य में अगले कुछ दिनों तक राहत के आसार कम ही दिखाई दे रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, 6 अगस्त से 8 अगस्त के बीच रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी और बागेश्वर जैसे पहाड़ी जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। बीते 24 घंटों के भीतर मसूरी और देहरादून में भीषण गर्जना के साथ बारिश दर्ज की गई है। तापमान की स्थिति देखें तो पंतनगर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस और मुक्तेश्वर में न्यूनतम तापमान 16.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मैदानी इलाकों में तापमान भले ही सामान्य है, लेकिन भूस्खलन और नदी-नालों के उफान ने स्थानीय लोगों के लिए मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं।
देहरादून और जौनसार बावर में यातायात ठप
राजधानी देहरादून और उससे सटे जौनसार बावर क्षेत्र में बारिश ने भारी तबाही मचाई है। क्षेत्र की प्रमुख जीवन रेखा माना जाने वाला कालसी-चकराता मोटरमार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। जजरेड के पास बने डेंजर जोन में देर रात से ही पहाड़ी से भारी मलबा गिर रहा है, जिसने यातायात को पूरी तरह बाधित कर दिया है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जिनमें मरीजों को ले जाने वाली एम्बुलेंस और अपनी नकदी फसलें मंडी पहुंचाने की कोशिश कर रहे किसान फंसे हुए हैं। इसके अतिरिक्त साहिया-क्वानू मार्ग और कालसी-बैरटखाई मार्ग पर भी पहाड़ दरकने से कई यूटिलिटी वाहन घंटों तक फँसे रहे और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बागेश्वर में सड़कों का संपर्क कटा
बागेश्वर जिले में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मलबे के कारण जिले की 12 प्रमुख मोटर सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिससे कई दूरस्थ गांव जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गए हैं। लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की टीमें लगातार JCB मशीनों के जरिए मलबा हटाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन रुक-रुक कर हो रही बारिश और ऊपर से गिरते पत्थरों के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है। स्थानीय प्रशासन ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रखा है और ग्रामीणों से आग्रह किया है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।
जोशीमठ और चमोली में घरों को नुकसान
सीमांत जनपद चमोली के जोशीमठ विकासखंड में मौसम की मार ने ग्रामीणों को डरा दिया है। किमाणा गांव में बरसाती पानी और मलबा लोगों के घरों और खेतों के भीतर घुस गया है। इस स्थिति ने गांव के 4 से 5 परिवारों को सीधे खतरे में डाल दिया है, जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ रही है। वहीं, उर्गम बांसा गांव से भी चिंताजनक खबर आई है, जहां लगातार बारिश के कारण एक मकान की दीवार टूट गई और पूरा ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि इस घटना में किसी की जान नहीं गई है, लेकिन मकान मालिकों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है।
किसानों और आम जनमानस पर दोहरी मार
पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में हालात सामान्य नहीं हैं। बारिश और सड़कों के बंद होने से सबसे ज्यादा मार किसानों पर पड़ी है। टमाटर, मटर और सेब जैसी नगदी फसलें समय पर मंडी न पहुंच पाने के कारण गाड़ियों में ही सड़ रही हैं, जिससे किसानों को तगड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसके अलावा आपातकालीन स्थिति में अस्पताल जाने वाले मरीज भी कई-कई किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हैं। मौसम विभाग की चेतावनी अगले तीन से चार दिनों के लिए भी बनी हुई है, जिसमें गर्जन और तीव्र बारिश के साथ बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।
अड़ोस-पड़ोस का मौसम (उत्तर प्रदेश)
उत्तराखंड के साथ-साथ पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बदलने की चेतावनी जारी की गई है। मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं, प्रयागराज, वाराणसी और बांदा जैसे जिलों में तेज धूप के साथ उमस और लू का प्रकोप बरकरार रहेगा। लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में केवल आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को मौसम के बदलाव के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।
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