देहरादून के पलटन बाजार में 'कश्मीरी घड़ियों' का बढ़ा क्रेज, इंस्टाग्राम पर वायरल होने के बाद उमड़ी खरीदारों की भीड़ उत्तराखंड 4 घंटे पहले 2
उत्तराखंड के देहरादून स्थित पलटन बाजार में इन दिनों कश्मीरी घड़ियों की जबरदस्त धूम है। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कड़े और घड़ी के इस खूबसूरत फ्यूजन को लोग बेहद पसंद कर रहे हैं।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का प्रसिद्ध पलटन बाजार इन दिनों एक नए फैशन ट्रेंड का मुख्य केंद्र बन गया है। इस बाजार की दुकानों पर आजकल 'कश्मीरी घड़ियों' का जादू ग्राहकों, विशेषकर युवतियों के सिर चढ़कर बोल रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर इस घड़ी के वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद से ही बाजार में इनकी मांग में भारी उछाल आया है। पारंपरिक और आधुनिकता का यह अनोखा मेल लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

कड़ा और घड़ी की जरूरत को करती हैं एक साथ पूरा

इन घड़ियों की सबसे बड़ी खासियत इनकी बेजोड़ और बेहद खूबसूरत कश्मीरी कारीगरी है। इनका आकर्षक डिजाइन हाथों की सुंदरता को काफी बढ़ा देता है। पहले महिलाएं और लड़कियां अपने हाथों में घड़ी और कड़ा या ब्रेसलेट अलग-अलग पहनना पसंद करती थीं, लेकिन इस कश्मीरी घड़ी ने इस पूरी जरूरत को एक साथ समेट दिया है। यह कलाई पर सजने के बाद घड़ी और ब्रेसलेट दोनों का ही लुक देती है।

बेहद किफायती हैं कश्मीरी घड़ियां, जानें कीमतें

इन शानदार और ट्रेंडी घड़ियों की लोकप्रियता की एक और बड़ी वजह इनकी बेहद कम और किफायती कीमत है। पलटन बाजार में यह कश्मीरी घड़ियां बहुत ही सस्ते दामों पर मिल रही हैं:

  • इन कश्मीरी घड़ियों की शुरुआती कीमत मात्र ₹150 है।
  • इसके अन्य आकर्षक डिजाइन और थोड़े भारी काम वाली घड़ियां ₹200 और ₹250 की रेंज में आसानी से उपलब्ध हैं।

एक साथ कई पीस खरीद रहे हैं लोग

किफायती दाम और अनोखा लुक होने के कारण पलटन बाजार आने वाले ग्राहक इन घड़ियों को हाथों-हाथ खरीद रहे हैं। बाजार में दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक केवल एक ही पीस नहीं ले जा रहे, बल्कि अपने कपड़ों के साथ मैचिंग करने के लिए अलग-अलग रंगों और अलग-अलग डिजाइनों की दो से तीन घड़ियां एक साथ खरीद रहे हैं। इंस्टाग्राम के इस वायरल ट्रेंड ने पलटन बाजार के व्यापारियों के चेहरे पर भी खुशी ला दी है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप