दतिया: 40 हजार रुपये के लिए बेटे ने पिता को उतारा मौत के घाट, 11 महीने तक बक्से में छुपा रखा शव मध्य प्रदेश 3 महीने पहले 125
मध्य प्रदेश के दतिया जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां ट्रैक्टर की किश्त को लेकर हुए मामूली विवाद में एक बेटे ने अपने पिता की हत्या कर दी। आरोपी ने वारदात के बाद शव को 11 महीने तक घर के अंदर ही छिपाए रखा।

दतिया में मानवता हुई शर्मसार

मध्य प्रदेश के दतिया जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, जिसने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। यहां एक बेटे पर अपने ही सगे पिता की बेरहमी से हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है। यह पूरी घटना परिवार के आपसी कलह और पैसों के लेन-देन से जुड़ी है, जिसने अंततः एक पिता की जान ले ली। इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करीब 11 महीने बाद हुआ, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

ट्रैक्टर की किश्त बनी जान की दुश्मन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह वारदात दतिया जिले के बड़ोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम छता की है। जांच में सामने आया है कि पिता और पुत्र के बीच पैसों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। विवाद की मुख्य वजह ट्रैक्टर की किश्त जमा करने के लिए आवश्यक 40 हजार रुपये की राशि थी। इसी धन को लेकर दोनों के बीच अक्सर कहासुनी होती रहती थी। घटना वाले दिन बहस इतनी बढ़ गई कि आरोपी बेटे ने आपा खो दिया और कुल्हाड़ी से अपने पिता पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में पिता की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

11 महीने तक शव को छिपाकर रखा

हत्या की इस वीभत्स घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने सबूतों को मिटाने के लिए एक बेहद चौंकाने वाला कदम उठाया। उसने पिता के शव को घर के अंदर ही रखे एक बक्से में छिपा दिया। हैरानी की बात यह है कि आरोपी ने करीब 11 महीने तक इस राज को दुनिया से छिपाए रखा। इतने लंबे समय तक किसी को भी इस बात की भनक नहीं लग सकी कि घर के अंदर ही पिता का शव रखा हुआ है। क्षेत्र के लोग और पुलिस प्रशासन भी यह जानकर दंग हैं कि कैसे एक बेटा अपने पिता के शव के साथ इतने लंबे समय तक रह सकता था।

पुलिस की कार्रवाई और इलाके में चर्चा

ब्लाइंड मर्डर का खुलासा होने के बाद अब बड़ोनी पुलिस ने आरोपी बेटे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस टीम हत्या से जुड़े तमाम पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही है ताकि घटना के हर एक सच को सामने लाया जा सके। इस घटना ने पूरे गांव और दतिया जिले को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस पिता ने बेटे को पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी के साथ ऐसा बर्ताव अकल्पनीय है। महज 40 हजार रुपये जैसे छोटे आर्थिक विवाद ने एक पूरे परिवार को उजाड़ दिया और एक बेटे को घिनौने अपराध का अपराधी बना दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी जांच की निगरानी कर रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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