रामायण फिल्म के गानों पर ट्रोलिंग के बाद एआर रहमान की दो टूक, कहा- काम के बाद फीडबैक देखने की हिम्मत नहीं बचती मनोरंजन एक घंटा पहले 5
रणबीर कपूर अभिनीत फिल्म रामायण के संगीत को लेकर हो रही आलोचनाओं पर संगीतकार एआर रहमान ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी कला को पूरा समय देने के बाद सोशल मीडिया की बातों पर ध्यान नहीं देते।

रामायण के संगीत पर मचा घमासान

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही आगामी फिल्म रामायण लंबे समय से दर्शकों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है। रणबीर कपूर की इस बड़े बजट वाली फिल्म को लेकर लोगों की उम्मीदें काफी अधिक हैं, लेकिन हाल ही में फिल्म के संगीत को लेकर सोशल मीडिया पर काफी गहमागहमी देखी गई। फिल्म के गाने मंगल रंग और रावण तांडव के रिलीज होने के बाद से ही संगीतकार एआर रहमान को इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की तीखी प्रतिक्रियाओं और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा है। अब दिग्गज संगीतकार ने आखिरकार इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और अपना पक्ष रखा है।

काम के बाद फीडबैक की बची ही नहीं ऊर्जा

हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान, जब एआर रहमान से उनसे जुड़े विवादों और सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही सहजता से उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी फिल्म के प्रोजेक्ट पर काम करना कोई साधारण बात नहीं होती। हर फिल्म के लिए उन्हें बिल्कुल नए सिरे से रचनात्मक प्रक्रिया शुरू करनी पड़ती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक संगीतकार के तौर पर उन्हें हर प्रोजेक्ट में नए प्रयोग करने पड़ते हैं और इसके लिए उन्हें अपनी पूरी ताकत और मेहनत झोंकनी पड़ती है।

रहमान ने स्पष्ट किया कि जब वे किसी प्रोजेक्ट का काम पूरी तरह से समाप्त कर लेते हैं, तो उनके पास सोशल मीडिया पर जाकर लोगों की राय या फीडबैक देखने तक की ऊर्जा शेष नहीं रहती। उन्होंने बताया कि उनके बेटे उन्हें सोशल मीडिया पर चल रही तमाम बातों और चर्चाओं से अपडेट रखते हैं, लेकिन वे खुद इन चीजों में उलझने के बजाय अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना पसंद करते हैं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि उन्होंने इस फिल्म के लिए अपना शत-प्रतिशत योगदान दिया है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि दर्शकों को उनका संगीत अंत में पसंद आएगा।

मंगल रंग गाने पर क्यों छिड़ा है विवाद

फिल्म रामायण के मेकर्स ने जब गाना मंगल रंग जारी किया, तो शुरुआत में इसे दर्शकों का काफी प्यार मिला। अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल की आवाज में सजा यह गाना सुनने में मधुर होने के बावजूद जल्द ही विवादों के घेरे में आ गया। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इसे किसी और धुन की कॉपी बताना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने इस गाने के संगीत को साल 2012 में आई फिल्म रॉकस्टार के सुपरहिट गाने कुन फाया कुन से जोड़कर देखा। वहीं, कुछ अन्य लोग इसे एक कव्वाली की तर्ज पर बना हुआ बता रहे हैं, जबकि कुछ अन्य यूजर्स ने इसकी धुन की समानता एक मलयालम गाने के साथ होने का दावा किया है। इन सब बातों ने इंटरनेट पर एक तीखी बहस को जन्म दे दिया है।

दृश्य पर भी उठे गंभीर सवाल

केवल संगीत ही नहीं, बल्कि इस गाने के एक विशेष दृश्य को लेकर भी फिल्म निर्माताओं पर सवाल उठाए गए हैं। गाने के एक हिस्से में रणबीर कपूर को भगवान राम के रूप में दिखाया गया है, जहां उनके आसपास परिवार की महिलाएं नजर आ रही हैं और उनके शरीर पर पीले रंग का लेप लगाया जा रहा है। दर्शकों को पहले लगा कि यह शायद हल्दी की कोई पारंपरिक रस्म है, लेकिन बाद में इसे लेकर तरह-तरह की बातें होने लगीं। लोगों ने सोशल मीडिया पर तर्क दिया कि यदि यह हल्दी की रस्म है, तो दूल्हे और दुल्हन को एक साथ इस तरह से दिखाना उचित नहीं है। इन तमाम आलोचनाओं के बीच, फिल्म की टीम और संगीतकार एआर रहमान अब अपने काम की गुणवत्ता और अपनी रचनात्मकता के बचाव में खड़े नजर आ रहे हैं। फिल्म जगत और प्रशंसक अब यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि फिल्म के बाकी गानों और कहानी को दर्शकों की तरफ से किस तरह का प्रतिसाद मिलता है।

आन्या कपूर पाबना के मनोरंजन रिपोर्टर हैं, जो बॉलीवुड, ओटीटी और टेलीविजन की खबरें कवर करते हैं। फिल्मों, वेब सीरीज, सेलिब्रिटी और बॉक्स ऑफिस पर उनकी पैनी नजर रहती है। वे मनोरंजन जगत की हलचल को रोचक अंदाज में दर्शकों तक लाते हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप