मथुरा के केनरा बैंक में सुरक्षा में तैनात सिपाही की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत, आत्महत्या की आशंका उत्तर प्रदेश 3 महीने पहले 119
मथुरा के सिविल लाइंस स्थित केनरा बैंक में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात 42 वर्षीय सिपाही अजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस को शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का लग रहा है।

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां के थाना सदर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिविल लाइंस इलाके में स्थित केनरा बैंक की शाखा में एक पुलिसकर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 42 वर्षीय सिपाही अजीत सिंह के रूप में हुई है, जो बैंक की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात थे। इस घटना के बाद से पुलिस विभाग और बैंक कर्मियों में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में पुलिस इस पूरे मामले को आत्महत्या मानकर तफ्तीश कर रही है। शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया है।

ड्यूटी के दौरान अचानक चली गोली

इस दुखद घटना के बारे में जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (एसपी सिटी) राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अजीत सिंह मूल रूप से एटा जिले के पिलुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मड़ुआ गांव के निवासी थे। वह पिछले 12 वर्षों से इस बैंक शाखा में सुरक्षा गार्ड के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। घटना वाले दिन यानी शनिवार की रात को अजीत सिंह अकेले नहीं थे, बल्कि उनके साथ एक और सिपाही भी ड्यूटी पर तैनात था। साथी सिपाही द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रात करीब 9:00 बजे अचानक अंदर से गोली चलने की तेज आवाज आई। जब साथी सिपाही घबराकर तुरंत अंदर की तरफ भागा, तो वहां का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। अजीत सिंह जमीन पर लहूलुहान अवस्था में पड़े हुए थे।

सरकारी राइफल से आर-पार हुई गोली

जांच में सामने आया है कि गोली अजीत सिंह की अपनी सरकारी सर्विस राइफल से ही चली थी। जब उन्हें पाया गया, तब राइफल उनकी गर्दन से सटी हुई थी। गोली उनकी गर्दन को चीरती हुई आर-पार निकल गई थी, जिससे अत्यधिक खून बह गया था। लहूलुहान हालत में अजीत को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह के मुताबिक, घटनास्थल की स्थिति और शुरुआती सबूतों को देखकर पहली नजर में यह खुदकुशी का मामला लग रहा है। शुरुआती जांच में यह बात भी निकलकर आई है कि अजीत सिंह पिछले काफी समय से कुछ गंभीर पारिवारिक समस्याओं के कारण अत्यधिक मानसिक तनाव में थे। वर्तमान में मृतक सिपाही मथुरा के ही हाईवे थाना क्षेत्र की बालाजी पुरम कॉलोनी में रह रहे थे।

पुलिस ने जब्त किया मोबाइल और राइफल

मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस ने घटनास्थल से सिपाही अजीत सिंह की सरकारी राइफल और उनका मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अधिकारी अब मोबाइल के कॉल रिकॉर्ड और संदेशों की बारीकी से जांच कर रहे हैं, ताकि उनके मानसिक तनाव के असली कारणों का पता लगाया जा सके। इस पूरे मामले की विस्तृत और गहन जांच की जिम्मेदारी थाना प्रभारी त्रिपुरारी कौशिक को सौंपी गई है, जो सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच आगे बढ़ा रहे हैं।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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