भारत
एक महीने पहले
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विचारों
संगठन में बड़े बदलाव का आगाज
आगामी चुनावी चुनौतियों को देखते हुए कांग्रेस ने अपने संगठन में महत्वपूर्ण फेरबदल किए हैं। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से मुहर लगने के बाद उत्तर प्रदेश, हरियाणा और ओडिशा के लिए नए एआईसीसी (AICC) प्रभारियों के नामों का ऐलान कर दिया गया है। इन नई नियुक्तियों के अनुसार राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश, लालजी देसाई को ओडिशा और संजय दत्त को हरियाणा का जिम्मा सौंपा गया है। ये बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
पूर्व प्रभारियों के कार्यों की सराहना
पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में उन नेताओं के योगदान को सराहा गया है जो अब तक इन राज्यों में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के प्रभारी रहे अविनाश पांडे के साथ ही बी. के. हरिप्रसाद और अजय कुमार लल्लू के अब तक के काम की प्रशंसा की है। पार्टी का मानना है कि नए प्रभारियों के आने से इन राज्यों में चुनावी तैयारियों को नई गति मिलेगी और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती हासिल होगी।
साल 2027 के लिए राजेंद्र पाल गौतम पर दांव
उत्तर प्रदेश में राजेंद्र पाल गौतम की नियुक्ति को राजनीतिक विश्लेषक बेहद अहम मान रहे हैं। राजेंद्र पाल गौतम दिल्ली की सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी निभा चुके हैं और वर्तमान में वह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग की कमान भी संभाल रहे हैं। दलित समुदाय में उनकी सक्रियता और प्रभाव को देखते हुए कांग्रेस ने यह कदम उठाया है। ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी ने उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को केंद्र में रखकर यह फैसला किया है। कांग्रेस का मुख्य लक्ष्य यूपी में अपने आधार को बढ़ाना और दलित मतदाताओं के बीच पैठ मजबूत करना है।
सोशल इंजीनियरिंग और संगठन का विस्तार
लंबे समय से उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक कमजोरी कांग्रेस के लिए चिंता का विषय रही है। राजेंद्र पाल गौतम की नियुक्ति के माध्यम से पार्टी सोशल इंजीनियरिंग के जरिए संगठन को नई दिशा देने की कोशिश में है। इसी तरह ओडिशा और हरियाणा में भी किए गए बदलाव पार्टी की संगठनात्मक विस्तार रणनीति का हिस्सा हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नियुक्त किए गए नए प्रभारी इन राज्यों में पार्टी के कार्यकर्ताओं को कितना सक्रिय कर पाते हैं और आगामी चुनावी दंगल में कांग्रेस को कितना फायदा दिला पाते हैं।
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