उत्तर प्रदेश: सीएम योगी आदित्यनाथ की सख्त हिदायत, कांवड़ यात्रा की सुरक्षा और बाढ़ राहत कार्यों में कोताही नहीं उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश में कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा, कांवड़ यात्रा और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अराजक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और बाढ़ प्रभावितों को हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

कांवड़ यात्रा को लेकर सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान कांवड़ यात्रा को आस्था और अनुशासन का महापर्व बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह यात्रा सामाजिक समरसता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा में व्यवधान डालने वाले किसी भी अराजक तत्व के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने भ्रामक खबरों के जरिए माहौल खराब करने वालों पर भी पैनी नजर रखने और उनके दावों का तत्काल तथ्यात्मक खंडन करने को कहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, धार्मिक आयोजनों में किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी या उपद्रव को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सामाजिक एकता का उदाहरण बनी कांवड़ यात्रा

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा और आगामी त्योहारों की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब समाज को बांटने की साजिशें रची जा रही हैं, लाखों की संख्या में उमड़ने वाले कांवड़ यात्री सामाजिक भाईचारे की मिसाल पेश कर रहे हैं। सरकार के अलावा कई स्वयंसेवी संस्थाएं भी श्रद्धालुओं की सेवा में लगी हैं, जो एक सकारात्मक सामाजिक तस्वीर है।

सीमावर्ती राज्यों और प्रशासन की तैयारी

समीक्षा बैठक में मेरठ के एडीजी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के संचालन में सीमावर्ती राज्यों से पूरा सहयोग मिल रहा है। गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर ने जानकारी दी कि अब तक करीब 70 हजार कांवड़ यात्री शहर से गुजर चुके हैं। आने वाले एक से दो दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है, जिसके लिए पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी से तैनात है।

उर्स और कांवड़ यात्रा में आपसी सद्भाव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली का विशेष उल्लेख करते हुए वहां की व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि इस्लामिक समुदाय ने उर्स के आयोजन को सीमित रखते हुए शाकाहारी भोजन वितरण का फैसला किया है। शिवभक्तों की आस्था के सम्मान में लिया गया यह निर्णय सामाजिक सद्भाव और आपसी संवेदनशीलता का बेहतरीन उदाहरण है।

उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें

कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पूरे प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। यूरिया और डीएपी सहित सभी उर्वरकों का वितरण पारदर्शी तरीके से हो, यह सुनिश्चित करना जिलाधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि पैक्स केंद्रों पर आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त मैनपावर तैनात की जाए। साथ ही, नेपाल सीमा से लगे जनपदों में खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने और खतौनी सत्यापन के बाद ही खाद वितरण के आदेश दिए गए हैं।

महिलाओं की सुरक्षा पर सरकार का कड़ा रुख

महिला सुरक्षा के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि इस विषय पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने हालिया घटनाओं पर चिंता जताते हुए 'मिशन शक्ति' अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाने के निर्देश दिए। उत्तर प्रदेश में कार्यरत 45 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती प्रभावी ढंग से करने को कहा गया है। शोहदों और टप्पेबाजों की पहचान सार्वजनिक करने और संवेदनशील इलाकों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

बाढ़ प्रभावितों को तुरंत मिले राहत

बाढ़ की स्थिति पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बलिया, बाराबंकी और उन्नाव समेत 8 बाढ़ प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्यों में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। जो गांव बाढ़ की वजह से मुख्य मार्ग से कट गए हैं, वहां तक तत्काल सहायता पहुंचाई जाए। नदियों के तटबंधों की कटान रोकने के लिए सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, कुशीनगर, मुजफ्फरनगर और बलिया में तुरंत कदम उठाने को कहा गया है। बलिया में कटान से प्रभावित परिवारों को जल्द जमीन का पट्टा और आवास मुहैया कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। राहत आयुक्त ने बताया कि अगले एक सप्ताह में अच्छी बारिश की संभावना है, जिसके लिए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

स्कूली वाहनों की फिटनेस की जांच अनिवार्य

विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने स्कूली वाहनों की कड़ी जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ वही वाहन सड़कों पर चलें जो निर्धारित फिटनेस मानकों को पूरा करते हों। इसके अलावा, ई-रिक्शा, टैक्सी और स्कूली वाहन चालकों का अनिवार्य सत्यापन करने के लिए कहा गया है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।

युवा नीति पर मंथन और बैठक में उपस्थिति

बैठक में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रदेश में 'युवा नीति' तैयार की जाएगी, ताकि नौजवानों की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझा जा सके। बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव और राहत आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अपने-अपने क्षेत्रों की अद्यतन जानकारी मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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