दिल्ली में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा एक्शन: 108 स्कूल भवन असुरक्षित घोषित दिल्ली 3 महीने पहले 117
दिल्ली सरकार ने स्कूली परिसरों की जर्जर हालत को देखते हुए 108 इमारतों को असुरक्षित माना है, जिनमें से 7 को जल्द ढहाने की योजना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी पुराने स्कूलों के स्ट्रक्चरल ऑडिट के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली में असुरक्षित स्कूलों पर सरकार की कड़ी नज़र

दिल्ली में पढ़ने वाले स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य भर में किए गए सर्वे के बाद 108 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल भवनों को असुरक्षित और खतरनाक श्रेणी के तहत चिन्हित किया गया है। इन इमारतों की स्थिति को देखते हुए सरकार ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई शुरू कर दी है। इनमें से कुल 54 ऐसी इमारतें हैं जो बहुत अधिक जर्जर हालत में पाई गई हैं और उनके ध्वस्तीकरण यानी उन्हें गिराने की आधिकारिक प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी गई है।

जर्जर इमारतों के ध्वस्तीकरण का रोडमैप

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, चिन्हित की गई 108 असुरक्षित इमारतों में से 54 को अत्यंत जोखिमपूर्ण माना गया है। इनमें से 7 स्कूल भवनों को तो अगले कुछ महीनों के भीतर ही गिराने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकार इन भवनों को हटाकर वहां सुरक्षा के नए मानक स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है ताकि छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न हो।

PWD की निगरानी में होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोक निर्माण विभाग यानी PWD को निर्देश दिए हैं कि वे पुराने स्कूल भवनों का व्यापक स्ट्रक्चरल ऑडिट सुनिश्चित करें। विभाग को इन पुरानी इमारतों की सुरक्षा जांच करने और उनके पुनर्निर्माण या मरम्मत पर आने वाली लागत का सटीक आकलन करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा 14 अन्य स्कूल इमारतों के लिए भी स्ट्रक्चरल ऑडिट के प्रस्ताव आगे भेजे गए हैं। शिक्षा विभाग अब इन सभी स्कूलों की डिजिटल प्रोफाइलिंग करने की योजना पर काम कर रहा है, जिसके तहत इमारतों की मजबूती, अग्नि सुरक्षा के इंतजाम और अन्य सुरक्षा मानकों का विस्तार से ब्यौरा तैयार किया जाएगा।

भूकंपरोधी बनेंगे नए स्कूल

सरकार की योजना के तहत पुरानी और कमजोर इमारतों को हटाकर वहां आधुनिक तकनीक से लैस G+4 यानी चार मंजिला इमारतें बनाई जाएंगी, जो पूरी तरह से भूकंपरोधी होंगी। इसके अलावा, दिल्ली सरकार के अधीन खाली पड़े 27 सरकारी भूखंडों पर भी नए और स्थाई स्कूल भवनों का निर्माण शुरू किया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा और काम को चरणबद्ध ढंग से पूरा किया जाएगा।

प्राइवेट स्कूलों को भी चेतावनी

शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के अपने प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निजी स्कूलों के लिए भी कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताबें या स्कूल ड्रेस खरीदने के लिए मजबूर करना पूरी तरह गलत है। सीएम ने चेतावनी दी है कि वे कभी भी औचक निरीक्षण के लिए किसी भी प्राइवेट स्कूल में पहुंच सकती हैं। स्कूलों को अपनी आधिकारिक वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर यह स्पष्ट करना होगा कि अभिभावक अपनी पसंद और सुविधा के अनुसार कहीं से भी सामान खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं। ऐसा न करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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