दिल्ली के राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर CJP का हंगामा, अभिजीत दीपके ने तोड़ी भूख हड़ताल दिल्ली एक महीने पहले 43
दिल्ली के राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियों के जुटने से हड़कंप मच गया। वहीं, पार्टी ने नीट पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दों पर अपनी मांगें दोहराते हुए सरकार के साथ बातचीत की संभावना जताई है।

राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर भारी भीड़

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का राजीव चौक मेट्रो स्टेशन अचानक विरोध प्रदर्शन का केंद्र बन गया। जब बड़ी संख्या में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता वहां पहुंचे, तो स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में मोबाइल फोन थे और वे घटनाक्रम को लगातार रिकॉर्ड कर रहे थे। इस भीड़ के कारण यात्रियों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।

अभिजीत दीपके ने समाप्त की भूख हड़ताल

इस प्रदर्शन के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है कि अभिजीत दीपके ने अपनी भूख हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया है। इससे पहले सोनम वांगचुक इस भूख हड़ताल पर बैठे थे, जिन्हें स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। उनके अस्पताल जाने के बाद अभिजीत दीपके ने मोर्चा संभालते हुए भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे अब आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया गया है।

सरकार से बातचीत की उम्मीद

जंतर मंतर पर जारी प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता ने एक बड़ा दावा किया है। प्रवक्ता के अनुसार, सरकार की ओर से उन्हें बातचीत के लिए आमंत्रण मिला है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि जल्द ही सीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ मुलाकात कर सकता है।

क्यों सड़कों पर उतरी है CJP

कॉकरोच जनता पार्टी का यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से नीट (NEET) परीक्षा में हुई धांधली और देश में बेरोजगारी के विकराल होते संकट के खिलाफ है। आज, 20 जुलाई 2026 को संसद का मानसून सत्र शुरू होने के साथ ही प्रदर्शन ने और तूल पकड़ लिया। सीजेपी ने 'चलो संसद' मार्च का आह्वान किया था, जिसके बाद जंतर मंतर पर बड़ी तादाद में लोग एकत्रित हो गए।

प्रमुख मांगें और सरकार पर दबाव

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख रूप से तीन मांगे हैं:

  • नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक सहित अन्य सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
  • पेपर लीक प्रकरण की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें।
  • बढ़ती बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार ठोस नीतिगत कदम उठाए।

इन प्रदर्शनों के मद्देनजर पूरी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर भी यातायात प्रभावित हुआ है और जाम की स्थिति बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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