मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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प्रशासनिक लापरवाही पर मुख्यमंत्री का सीधा प्रहार
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव का प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने का अभियान लगातार जारी है। अपनी कार्यशैली के अनुरूप, उन्होंने एक बार फिर लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। इस बार उनका निशाना छिंदवाड़ा जिले के अधिकारी बने हैं। मुख्यमंत्री ने 8 अगस्त 2026 को छिंदवाड़ा में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इसी दौरान मिली शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने तुरंत प्रभाव से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), एक तहसीलदार और एक पटवारी को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
महिला की शिकायत पर लिया गया एक्शन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के पास इन अधिकारियों के विरुद्ध गंभीर शिकायतें पहुंची थीं। मामला तब प्रकाश में आया जब एक पीड़ित महिला ने सीएम हेल्पलाइन पर अपनी समस्या दर्ज कराई। महिला का आरोप था कि उसकी सुनवाई नहीं हो रही है और प्रशासनिक स्तर पर उसे कोई मदद नहीं मिल रही है। मुख्यमंत्री ने इस मामले को संवेदनशीलता से लिया और छिंदवाड़ा के सीएमएचओ डॉ. नरेश गुन्नाड़े, संबंधित तहसीलदार और पटवारी को तुरंत सस्पेंड करने का निर्देश दे दिया। इस कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
क्या है मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान
छिंदवाड़ा में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन और जनता के बीच की दूरी को मिटाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब हर शुक्रवार को राज्य के सभी अधिकारी अपने दफ्तरों में बैठकर फाइलों का काम करने के बजाय फील्ड में निकलेंगे। वे सीधे तौर पर आम लोगों के बीच जाएंगे, उनकी समस्याओं को सुनेंगे और मौके पर ही उनका निराकरण सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान का हिस्सा बनकर वे खुद भी आम जनता के बीच रहकर समस्याओं को समझने का कार्य करेंगे।
अधिकारियों के लिए काम करने का नया प्रोटोकॉल
मुख्यमंत्री ने इस नए अभियान को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत निम्नलिखित नियम लागू रहेंगे:
- हर शुक्रवार को प्रदेश में किसी भी स्तर पर कोई आधिकारिक बैठक आयोजित नहीं की जाएगी, सिवाय बेहद अनिवार्य स्थितियों के।
- पूरे प्रदेश के सभी वरिष्ठ अधिकारी, मंत्रालय से लेकर जिला स्तर तक, दफ्तर छोड़कर क्षेत्र का दौरा करेंगे।
- इस अभियान में मुख्यमंत्री स्वयं, राज्य के मंत्रीगण, शासन के बड़े अधिकारी और स्थानीय जन-प्रतिनिधि भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
- जिला कलेक्टर को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे भ्रमण के लिए स्थान का चयन एक हफ्ते पहले ही कर लें और इस बारे में स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को भी सूचित करें।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जोर देकर कहा कि प्रदेशवासियों की शिकायतों का त्वरित समाधान करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' के माध्यम से अब शासन की पहुंच जमीनी स्तर तक और अधिक मजबूत होगी। अधिकारियों को साफ हिदायत दी गई है कि जनता की सुनवाई में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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