पंजाब की भगवंत मान सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, ओएसडी के खिलाफ CBI जांच टालने की मांग पर बोले CJI सूर्यकांत- अभी कुछ नहीं होगा पंजाब 6 घंटे पहले 1
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार के मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया है, जिससे मुख्यमंत्री भगवंत मान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

भगवंत मान सरकार की याचिका पर तुरंत सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई करने से साफ मना कर दिया है। पंजाब सरकार चाहती थी कि इस मामले पर अदालत जल्द से जल्द विचार करे, लेकिन चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि इस पर तत्काल कोई फैसला नहीं होने जा रहा है।

अदालत में जब पंजाब सरकार की तरफ से जल्द सुनवाई की गुहार लगाई गई, तो सीजेआई सूर्यकांत ने सख्त लहजे में कहा, "अभी कुछ नहीं होगा। हम कल या परसों इस मामले पर सुनवाई करने की कोशिश करेंगे।"

वकील विकास सिंह और सीजेआई के बीच तीखी बहस

पंजाब सरकार की ओर से पैरवी कर रहे देश के जाने-माने वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने अदालत से आज ही इस संवेदनशील मामले पर सुनवाई करने का विशेष अनुरोध किया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया।

जब सीजेआई ने तत्काल सुनवाई से इनकार किया, तब वकील विकास सिंह ने सवाल किया, "क्या इस मामले पर कल सुनवाई हो सकती है? चुनावी माहौल के बीच जानबूझकर ऐसे मामले खड़े किए जा रहे हैं।" उन्होंने अपनी दलील को पुख्ता करने के लिए विजय मदनलाल चौधरी मामले के फैसले का भी हवाला दिया।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, "हम देखेंगे कि आखिर कुल कितने मामले हैं। फिलहाल अभी इस पर कुछ नहीं होने वाला है।" वकील विकास सिंह ने इसे देश के संघीय ढांचे पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि यह मामला पूरी तरह से संघीय ढांचे के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है। इस पर सीजेआई ने फिर दोहराया, "हम कल कोशिश करेंगे, नहीं तो परसों तो पक्का इस पर सुनवाई की जाएगी।"

क्या है पूरा मामला और हाई कोर्ट का फैसला?

यह पूरा विवाद मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) राजबीर सिंह घुमन के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है। दरअसल, पंजाब सरकार ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें ओएसडी के खिलाफ CBI जांच के आदेश दिए गए थे।

सोमवार को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने इस मामले में एक बड़ा कदम उठाया था। हाई कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को आदेश दिया था कि वह मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों पर एक आपराधिक मामला दर्ज करे और गहनता से इसकी जांच करे।

इसके साथ ही, हाई कोर्ट ने मान सरकार और पंजाब पुलिस को भी कड़े निर्देश जारी किए थे। अदालत ने कहा था कि जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए पंजाब सरकार और राज्य की पुलिस को CBI की टीम का पूरा सहयोग करना होगा। इसी आदेश से घबराकर मान सरकार ने तुरंत सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जहां से फिलहाल उन्हें कोई राहत नहीं मिली है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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