SFIO डिप्टी डायरेक्टर समेत 3 लोग गिरफ्तार, 1 करोड़ की रिश्वत मांगने का लगा है गंभीर आरोप भारत एक घंटा पहले 7
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने डीएचएफएल मामले की जांच के दौरान रिश्वतखोरी करने के आरोप में सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस के एक वरिष्ठ अधिकारी और दो अन्य को हिरासत में लिया है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ CBI की बड़ी कार्रवाई

केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) के एक डिप्टी डायरेक्टर स्तर के अधिकारी को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी DHFL घोटाले से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान 1 करोड़ रुपये की अवैध मांग किए जाने के बाद हुई है। इस मामले में मुख्य अधिकारी के अलावा दिल्ली के एक वकील और उनके रिश्तेदार को भी दबोचा गया है। इन सभी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जांच का दायरा और रिश्वत की मांग

जांच एजेंसी के अनुसार, SFIO चेन्नई की टीम DHFL से जुड़े धोखाधड़ी के मामले की गहन जांच कर रही थी। इसी प्रक्रिया के बीच शिकायतकर्ता को यह भरोसा दिलाया गया कि उन्हें इस जांच में राहत दी जाएगी और लाभ पहुंचाया जाएगा। इसके बदले में आरोपी पक्ष द्वारा शिकायतकर्ता से 1 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगी गई थी। रिश्वत की मांग को लेकर मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर CBI ने अपनी निगरानी शुरू की और पूरे मामले में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर लिया।

रंगे हाथों पकड़ने के लिए बिछाया गया जाल

जैसे ही शिकायत की सत्यता की पुष्टि हुई, CBI ने आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक विशेष योजना तैयार की। जांच के दौरान यह सामने आया कि दिल्ली का एक वकील आरोपी अधिकारी की ओर से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 20 लाख रुपये की राशि लेने आया था। जैसे ही 20 लाख रुपये का लेनदेन हुआ, वहां पहले से मौजूद CBI की टीम ने जाल बिछाकर सभी को हिरासत में ले लिया। उल्लेखनीय है कि हाल ही में CBI ने म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड के एक निदेशक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था और उस दौरान उनके पास से 2.23 करोड़ रुपये की नकद राशि बरामद की थी।

कौन-कौन हुआ गिरफ्तार

इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम और उनका विवरण निम्नलिखित है:

  • हरीश कुमार तंवर: ये SFIO चेन्नई में डिप्टी डायरेक्टर पद पर तैनात थे और 2017 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं।
  • भरत शर्मा: पेशे से वकील हैं।
  • आर्यन शर्मा: इन्हें भरत शर्मा का रिश्तेदार बताया गया है।

आगे की पड़ताल जारी

गिरफ्तारी के बाद, CBI ने संबंधित आरोपी अधिकारी और वकील के विभिन्न ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया है। जांच एजेंसी का दावा है कि इस दौरान उन्हें कई आपत्तिजनक दस्तावेज और साक्ष्य हाथ लगे हैं, जो इस पूरे घोटाले की परतें खोलने में मदद करेंगे। फिलहाल, CBI इस मामले में शामिल अन्य संभावित आरोपियों और भ्रष्टाचार के नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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