विश्व
एक घंटा पहले
4
विचारों
गुरुद्वारे में घुसकर किया जानलेवा हमला
कनाडा के एडमॉन्टन में स्थित नानकसर गुरुद्वारे में शुक्रवार की सुबह एक चौंकाने वाली हिंसक वारदात सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार, एक हमलावर ने अचानक गुरुद्वारे परिसर में घुसपैठ की और प्रार्थना कक्ष की तरफ बढ़ने का प्रयास किया। जब गुरुद्वारे के कर्मचारियों और मौजूद लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसी दौरान आरोपी ने अपना आपा खो दिया और चाकू निकालकर वहां मौजूद श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया। इस हमले में 75 वर्षीय और 51 वर्षीय दो पुरुष घायल हुए हैं। राहत की बात यह है कि घायलों को तुरंत उपचार मुहैया कराया गया और फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है। देश के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस घटना पर दुख जताते हुए इसे बेहद भयावह करार दिया है।
मौके पर ही दबोचा गया हमलावर
एडमॉन्टन पुलिस के अनुसार, यह घटना सुबह करीब पांच बजे घटित हुई। जैसे ही हमलावर ने श्रद्धालुओं को चाकू मारा, गुरुद्वारे में मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए उसे तुरंत काबू में कर लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि गिरफ्तार किया गया 27 वर्षीय आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। उसका 2015 से हिंसक हमलों का पुराना रिकॉर्ड है। चौकाने वाली बात यह है कि वह हमले से ठीक एक दिन पहले ही अल्बर्टा की संघीय जेल से रिहा हुआ था। उसे एडमॉन्टन के एक निर्दिष्ट हाफवे हाउस में अपनी हाजिरी दर्ज करानी थी, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा और सीधे इस अपराध को अंजाम देने पहुंच गया।
जांच के दायरे में नफरत का एंगल
फिलहाल पुलिस इस हमले के असली मकसद को खंगालने में जुटी है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस हमले के पीछे कोई नफरत या सिख विरोधी विचारधारा काम कर रही थी। वर्ल्ड सिख ऑर्गेनाइजेशन ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन का यह भी दावा है कि हमले की प्रक्रिया के दौरान गुरुद्वारे में मौजूद सिख धर्मग्रंथ का अनादर किया गया है, जिसकी पुलिस गहन जांच कर रही है।
प्रधानमंत्री की कड़ी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि एडमॉन्टन के नानकसर गुरुद्वारे में हुआ हमला अत्यंत दुखद है। उन्होंने घायलों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और पूरे समुदाय के साथ खड़े होने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूजा स्थलों पर किसी को भी असुरक्षित महसूस नहीं होना चाहिए। साथ ही, उन्होंने त्वरित कार्रवाई के लिए एडमॉन्टन पुलिस सर्विस की सराहना की है। एहतियात के तौर पर फिलहाल गुरुद्वारे को आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है और पुलिस की कड़ी निगरानी में मामले की छानबीन जारी है।
Comments
0 comment