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एक घंटा पहले
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बॉलीवुड के कई दिग्गज सितारों के साथ काम कर चुके अभिनेता दिन्यार तिरंदाज इस दुनिया को अलविदा कह गए। उन्होंने 11 जून को दोपहर 3.45 बजे आखिरी सांस ली। उनके जाने की खबर से फिल्म और टेलीविजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। दिन्यार ने अपने लंबे करियर में फिल्मों के साथ-साथ कई टीवी शोज में भी अपनी छाप छोड़ी, लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा शोहरत सिटकॉम 'जुबान संभाल के' से मिली।
अभिनेता दिन्यार तिरंदाज का निधन 11 जून को हुआ। पर्दे पर वे अक्सर कॉमिक और पारसी अंदाज वाले किरदार निभाते नजर आते थे, जिसकी वजह से वे दर्शकों के बीच एक परिचित चेहरा बन गए थे। उनके निधन की सूचना गुरुवार को सोशल मीडिया पर आई, जिसके बाद उनके सहकलाकारों, प्रशंसकों और इंडस्ट्री के लोगों ने दुख जताया। उन्होंने मुंबई के वाडिया बंगली में 3:45 बजे अंतिम सांस ली।
सबसे पहले इस दुखद खबर को फेसबुक ग्रुप "पारसी ज़ोरास्ट्रियन्स वर्ल्डवाइड – द हैदराबादी पेज" ने साझा किया। पोस्ट में लिखा गया, "श्री दिन्यार तिरंदाज, स्वर्गीय रुस्तम तिरंदाज के भाई, अपने स्वर्ग के लिए रवाना हो गए हैं। आज वाडिया बंगली, बॉम्बे में 3:45 बजे। सरोश यज़ाद नी पनाह। अशेम वोहु।"
टीवी की दुनिया में दिन्यार का सफर
दिन्यार तिरंदाज ने अपने करियर की शुरुआत 1984 में आई एक्शन ड्रामा फिल्म 'दुनिया' से की थी, जिसका निर्देशन रमेश तलवार ने किया था। इसके बाद उन्होंने 'नुक्कड़' (1986-87) और 'ब्योमकेश बख्शी' (1993) जैसे चर्चित सीरियल्स में काम किया। हालांकि उन्हें असली पहचान 1993 से 1997 तक प्रसारित हुए लोकप्रिय सिटकॉम 'जुबान संभाल के' में निभाए मिस्टर केकी के किरदार से मिली।
बड़े सितारों के साथ बड़े पर्दे पर काम
दिन्यार ने सलमान खान, गोविंदा और शाहरुख खान समेत कई नामी कलाकारों के साथ काम किया। उन्होंने 'हैलो ब्रदर', 'अलबेला', 'चलते चलते', 'मैंने प्यार क्यों किया' और 'कमाल धमाल मलामाल' जैसी बॉलीवुड फिल्मों में अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरा। साल 2017 में उनकी गुजराती फैमिली ड्रामा फिल्म 'वॉस…अप! जिंदगी' रिलीज हुई थी, जिसका निर्देशन मनोज लालवानी ने किया था।
थिएटर कंपनी और मेटल पॉलिशिंग फर्म के मालिक
अभिनय के अलावा दिन्यार तिरंदाज ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर एक थिएटर कंपनी भी चलाई और वे एक मेटल पॉलिशिंग फर्म के मालिक भी थे। माना जाता है कि वे उन गिने-चुने आखिरी पारसी लोगों में से एक थे, जिन पर भरोसा कर लोग आंख बंद करके अपनी चांदी की चीजें पॉलिश के लिए सौंप देते थे। हालांकि अब यह फर्म चालू है या नहीं, इस बारे में कुछ कहना मुश्किल है।
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