Bikaner News: कोटा के बाद बीकानेर में प्रसूता की मौत, पति ने सुनाई एक महीने की दर्दभरी कहानी राजस्थान 4 घंटे पहले 3
बीकानेर के PBM अस्पताल में करीब एक महीने से वेंटिलेटर पर भर्ती प्रसूता प्रीति की मौत हो गई है, जिसके बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है।

इलाज के दौरान गई जान

बीकानेर के PBM अस्पताल में प्रसूताओं की बिगड़ती तबीयत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। पिछले करीब एक महीने से ICU में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही प्रीति नाम की महिला की आखिरकार मौत हो गई। वह लंबे समय से वेंटिलेटर सपोर्ट पर थी। गौरतलब है कि इससे पहले कोटा में पांच प्रसूताओं की मौत का मामला सामने आया था, और अब बीकानेर में इस दुखद घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने प्रसव के बाद कुल छह महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया था, जिसकी स्वास्थ्य विभाग जांच कर रहा है।

पति ने बयां किया दर्द

मृतका के पति Kamal ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि 15 मई को प्रीति का बीपी बढ़ने की शिकायत के बाद उन्हें नागौर से बीकानेर रेफर किया गया था। उस समय वह छह महीने की गर्भवती थी। Kamal के अनुसार, डॉक्टरों ने सिजेरियन ऑपरेशन करने की सलाह दी थी। ऑपरेशन के बाद मां और बच्चा शुरुआत में ठीक थे, लेकिन लेबर रूम में शिफ्ट करने के बाद प्रीति को लगातार ब्लीडिंग होने लगी। एक इंजेक्शन या दवा के बाद ब्लीडिंग और पेशाब दोनों बंद हो गए, जिसके बाद 16 मई को उसे ICU में भर्ती कराना पड़ा।

लापरवाही और जवाबदेही पर उठे सवाल

  • Kamal का आरोप है कि डॉक्टरों ने उन्हें कभी स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया कि आखिर परेशानी क्या है।
  • डॉक्टरों ने उन्हें जोधपुर या जयपुर ले जाने की सलाह तो दी, लेकिन फाइल देने से साफ इनकार कर दिया।
  • मृतका के ससुर का कहना है कि अस्पताल लाते समय प्रीति पूरी तरह स्वस्थ थी और डॉक्टरों ने बीपी कंट्रोल किए बिना ही ऑपरेशन कर दिया।
  • परिवार का दावा है कि करीब 10 से 20 दिन इलाज चलने और हालत में सुधार होने के बाद, अचानक तीसरे दिन स्थिति फिर बिगड़ गई।

अस्पताल प्रशासन का पक्ष

PBM अस्पताल के अधीक्षक डॉ. B.C. Ghiya के मुताबिक, प्रथम दृष्टया प्रीति की मौत का कारण मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर माना जा रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। परिजनों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई है कि एक महीने तक अस्पताल के चक्कर काटने के बावजूद उन्हें किसी भी जिम्मेदार प्रतिनिधि से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अब परिवार मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहा है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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