बिहार
एक घंटा पहले
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घटना का ब्यौरा और पुलिस की कार्रवाई
बिहार के सिवान जिले में हाल ही में हुए पुलिस फायरिंग के विवादित मामले पर बिहार पुलिस मुख्यालय ने आधिकारिक रूप से अपना पक्ष रखा है। घटना 25 जुलाई की है, जब जेपी चौक पर एक प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति पर काबू पाने के लिए एक सिपाही ने चार राउंड हवाई फायरिंग की थी। इस लापरवाही के लिए संबंधित सिपाही अभिषेक कुमार को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
घायलों की स्थिति और दर्ज मामले
पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में दावा किया है कि घटनास्थल पर फायरिंग के दौरान कोई घायल नहीं हुआ था। हालांकि, बाद में तीन व्यक्ति अलग-अलग स्थानों पर गोली लगने से घायल पाए गए। पुलिस का कहना है कि अब उन तीनों घायलों की स्थिति खतरे से बाहर है। पुलिस ने इन तीनों घायलों के बयान दर्ज कर लिए हैं और उनके आधार पर सिवान नगर थाने में अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
छात्र आंदोलन और गिरफ्तारियों का आंकड़ा
राज्यभर में 25 जुलाई को हुए छात्र आंदोलन और उसके बाद भड़की हिंसा को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। आंकड़ों के मुताबिक, पूरे राज्य में प्रदर्शनों के दौरान कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें से 339 नाबालिगों और छात्रों को उचित सत्यापन के बाद छोड़ दिया गया है। वहीं, हिंसक गतिविधियों में शामिल पाए गए 355 लोगों को कानून के दायरे में लाते हुए न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
पुलिस बल और संपत्ति को नुकसान
हिंसा के दौरान सरकारी संपत्ति और सुरक्षाबलों को भी भारी नुकसान हुआ है। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प में 91 पुलिस अधिकारी और जवान घायल हुए हैं। इसके अतिरिक्त, 14 सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और एक वाहन को पूरी तरह आग के हवाले कर दिया गया। कई प्रशासनिक अधिकारी भी इस दौरान गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि उपद्रव करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
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