राज्यसभा चुनाव: एमपी कांग्रेस करेगी विधायकों की बाड़ेबंदी, कल कर्नाटक होंगे शिफ्ट मध्य प्रदेश 4 महीने पहले 58
मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अपने विधायकों को टूटने से बचाने के लिए कर्नाटक भेज रही है। कल दोपहर 12:30 बजे की फ्लाइट से विधायक रवाना होंगे।

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। इसी बीच कांग्रेस पार्टी की ओर से एक बड़ा कदम सामने आया है। अपने विधायकों को सुरक्षित रखने और किसी भी तरह की सेंधमारी से बचाने के लिए पार्टी ने 'बाड़ेबंदी' की पूरी तैयारी कर ली है। योजना के तहत सभी विधायकों को प्रदेश की सीमा से बाहर भेजा जा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक, कल विधायकों को मध्य प्रदेश से किसी दूसरे राज्य में स्थानांतरित किया जाएगा।

दोपहर 12:30 बजे की उड़ान से रवानगी

ताजा जानकारी के अनुसार, कांग्रेस विधायक कल दोपहर 12:30 बजे की फ्लाइट से कर्नाटक के लिए प्रस्थान करेंगे। विधायकों को दूसरे राज्य ले जाने का यह निर्णय राज्यसभा चुनाव की समग्र रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है। अगले 10 दिनों के दौरान मतदान और विधायकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है।

उमंग सिंघार के आवास पर अहम बैठक

इससे पहले सोमवार देर शाम नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के निवास पर कांग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। यह बैठक डिनर के दौरान रखी गई थी, जिसमें देर रात तक विधायकों के पहुंचने का क्रम जारी रहा। इस दौरान राज्यसभा चुनाव की अंतिम रणनीति पर विस्तार से मंथन किया गया और विधायकों की शिफ्टिंग के फैसले पर औपचारिक मुहर लगाई गई।

बैठक में जुटे प्रमुख नेता

इस अहम बैठक में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी मौजूद रहे। इनके अतिरिक्त फूल सिंह बरैया तथा पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा सहित कई अन्य विधायक भी शामिल हुए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मौके पर कहा कि इसी बहाने विधायकों का सैर-सपाटा भी हो जाएगा।

पाला बदलने की आशंका बनी वजह

पार्टी को आशंका है कि कहीं मतदान से पहले कोई विधायक पाला न बदल ले। इसी चिंता और रणनीति के तहत विधायकों को कर्नाटक भेजने का निर्णय लिया गया है। दरअसल, सोमवार सुबह से ही प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर गहमागहमी का माहौल बना हुआ है। भाजपा ने तीसरी सीट के लिए महेश केवट को मैदान में उतार दिया है, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।

कांग्रेस के भीतर भी हलचल

दूसरी ओर, कांग्रेस के भीतर भी सब कुछ सामान्य नहीं नजर आ रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने इस्तीफा दे दिया है और उनके इस्तीफे को राज्यसभा उम्मीदवार के चयन से जोड़कर देखा जा रहा है। इस बीच, बीना विधायक निर्मला सप्रे के कदम ने भी पार्टी की चिंता बढ़ा दी है। निर्मला सप्रे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के लिए सीएम हाउस पहुंची थीं, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर तेज हो गया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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