मध्य प्रदेश में हवाई सेवाओं का विस्तार, भोपाल-रीवा उड़ान का किराया ₹2700 और कोलकाता के लिए ₹3700 मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 3
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से चार नई विमान सेवाओं की शुरुआत की है, जिससे राज्य में कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी। साथ ही, अगले दो महीनों में भोपाल से शारजाह के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने की घोषणा की गई है।

मध्य प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी का नया अध्याय

मध्य प्रदेश में हवाई यात्रा को अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित राजा भोज एयरपोर्ट से चार नई हवाई सेवाओं का आधिकारिक रूप से शुभारंभ किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ने के साथ ही अन्य राज्यों तक यात्रियों की पहुंच को आसान बनाना है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भोपाल से रीवा के बीच शुरू हुई पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस नई सेवा से अब रीवा और भोपाल के बीच की दूरी तय करना बेहद किफायती हो गया है, जिसके लिए यात्रियों को केवल ₹2700 का किराया देना होगा।

कौन से नए रूट पर शुरू हुईं उड़ानें

राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई इन चार नई हवाई सेवाओं से प्रदेश के नागरिक विमानन मानचित्र पर एक नई पहचान बना रहे हैं। इन चार प्रमुख मार्गों पर अब यात्रियों को हवाई सेवा का विकल्प मिलेगा:

  • भोपाल से रीवा
  • भोपाल से पटना
  • रीवा से कोलकाता
  • जबलपुर से कोलकाता

खास बात यह है कि रीवा से कोलकाता की हवाई यात्रा के लिए किराया ₹3700 तय किया गया है। इन सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार ने विशेष विमानन नीति भी तैयार की है, ताकि आम नागरिक भी हवाई सफर का लाभ उठा सकें।

भोपाल से शारजाह के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ान

कार्यक्रम के मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि भोपाल अब सीधे अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, आगामी दो महीनों के भीतर भोपाल से शारजाह के लिए सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा शुरू कर दी जाएगी। इस सेवा के शुरू होने से मध्य प्रदेश के यात्री बिना किसी परेशानी के सीधे विदेश यात्रा कर सकेंगे, जो प्रदेश के व्यावसायिक और पर्यटन विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

हवाई क्षेत्र में ऐतिहासिक विकास

अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश के विमानन इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रदेश का पहला एयरपोर्ट 1930 में जबलपुर में बना था और 1945 में भोपाल एयरपोर्ट की स्थापना हुई थी। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि पिछले तीन वर्षों में सरकार ने रीवा, दतिया और सतना में तीन नए एयरपोर्ट विकसित किए हैं। इसके अलावा उज्जैन और शिवपुरी एयरपोर्ट के लिए भी आवश्यक मंजूरी मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में एयर एंबुलेंस की सुविधा भी पूरी सक्रियता से संचालित की जा रही है, जिससे उज्जैन, इंदौर और ओंकारेश्वर जैसे महत्वपूर्ण स्थलों के लिए प्रतिदिन हवाई सेवा उपलब्ध है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में प्रदेश को 10 और नए एयरपोर्ट प्रदान करना है।

केंद्रीय मंत्री की बड़ी घोषणाएं

इस अवसर पर मौजूद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने भी मध्य प्रदेश के विकास की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पिछले 12 वर्षों से मध्य प्रदेश के विमानन सेक्टर में निरंतर निवेश और विस्तार कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य की 10 हवाई पट्टियों को भविष्य में आधुनिक एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि आगामी 10 वर्षों में देश भर में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 29 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, साथ ही 100 नए एयरपोर्ट बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में भारत के पास 1700 विमानों के ऑर्डर हैं, जिनका उपयोग मेडिकल एंबुलेंस सेवाओं को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।

किसानों और युवाओं को मिलेगा सीधा लाभ

केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि हवाई कनेक्टिविटी का सीधा फायदा स्थानीय अर्थव्यवस्था को होता है। जब छोटे शहरों के किसान अंतरराष्ट्रीय बाजारों से सीधे जुड़ेंगे, तो उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिलेगा। साथ ही, उन्होंने जोर देकर कहा कि सिविल एविएशन सेक्टर में हो रहे ये विस्तार युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगे।

विंध्य क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इस अवसर पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह विंध्य क्षेत्र के विकास के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने बताया कि इस कनेक्टिविटी से मैहर में मां शारदा के मंदिर और चित्रकूट जैसे धार्मिक स्थलों पर आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को अभूतपूर्व सुविधा मिलेगी। गौरतलब है कि चित्रकूट वह स्थान है जहां भगवान ने अपने वनवास के 12 वर्ष बिताए थे, और अब वहां पहुंचना पर्यटकों के लिए बेहद सुलभ हो गया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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