भोपाल: सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, करणी सेना का पूर्व जिला अध्यक्ष गिरफ्तार मध्य प्रदेश 3 महीने पहले 128
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले करणी सेना के पूर्व जिला अध्यक्ष को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट से रिमांड पर लिया है।

नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी का बड़ा खुलासा

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं को ठगने वाले एक बड़े मामले का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए भोपाल की कमला नगर थाना पुलिस ने करणी सेना के पूर्व जिला अध्यक्ष आशु कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि वह युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठता था। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 11 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि धोखाधड़ी के इस जाल की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

ऐसे जाल में फंसाता था आरोपी आशु कुमार

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता था। वह खुद को रसूखदार बताकर युवाओं को नगर निगम, पोस्ट ऑफिस, स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज जैसे प्रमुख सरकारी संस्थानों में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाता था। आरोपी मुख्य रूप से LDC और UDC जैसे पदों पर सीधी भर्ती कराने का झूठा दावा करता था।

जब कोई पीड़ित उसके झांसे में आ जाता था, तो आरोपी नौकरी पक्की कराने के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूल कर लेता था। पैसे लेने के बाद वह अभ्यर्थियों को बिल्कुल असली जैसे दिखने वाले फर्जी नियुक्ति पत्र सौंप देता था। युवाओं को ठगी का पता तब चलता था जब वे उन नियुक्ति पत्रों को लेकर संबंधित सरकारी विभागों में कार्यभार संभालने पहुंचते थे। वहां जाने पर उन्हें विभाग द्वारा बताया जाता था कि ऐसी कोई भर्ती ही नहीं हुई है और उनके पास मौजूद दस्तावेज पूरी तरह से फर्जी हैं।

दो युवकों से ठगे 9 लाख रुपये

इस धोखाधड़ी का शिकार हुए पीड़ितों की शिकायत के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। आरोपी ने केवल दो लोगों से ही करीब 9 लाख रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। इस ठगी का विवरण इस प्रकार है:

  • पहला मामला: राजगढ़ के निवासी पवन यादव की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। आरोपी आशु कुमार ने पवन को नगर निगम में LDC के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा दिया था और इसके बदले उनसे 3 लाख रुपये की रकम ऐंठ ली थी।
  • दूसरा मामला: धोखाधड़ी का दूसरा मामला पांढुर्ना के रहने वाले धनंजय बाल पांडेय से जुड़ा है। आरोपी ने धनंजय को भी सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे कुल 6 लाख रुपये की ठगी की। इस ठगी की रकम में से करीब 5.91 लाख रुपये आरोपी ने ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए अपने खाते में मंगवाए थे।

पुलिस अब इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने कई अन्य युवाओं को भी सरकारी नौकरी का लालच देकर अपना शिकार बनाया होगा। पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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