मध्य प्रदेश
2 घंटे पहले
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मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता और मौसम का मिजाज
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर अपने पूरे शबाब पर नजर आ रहा है। सावन के अंतिम दिनों में बादलों की गड़गड़ाहट और निरंतर हो रही बारिश ने प्रदेश भर के मौसम का रूप पूरी तरह से बदल दिया है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में ठंडी हवाओं के झोंकों और रुक-रुककर हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। हालांकि, कई जिलों के लिए यह बारिश चिलचिलाती गर्मी और उमस से बड़ी राहत लेकर आई है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में यह स्थिति चिंताजनक भी बनी हुई है। विशेष रूप से सतना जिले में हुई मूसलाधार बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं।
IMD का येलो अलर्ट और मौसम के कारण
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी और मानसून ट्रफ की सक्रियता के कारण मध्य प्रदेश का मौसम प्रभावित हो रहा है। विभाग ने 30 अगस्त के लिए पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया है। बारिश के इस दौर में जहां कृषि के लिए नमी की उपलब्धता बढ़ी है, वहीं निचले इलाकों में जलभराव, नदी और नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और कुछ स्थानों पर यातायात के बाधित होने की पूरी संभावना है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों और खुले मैदानों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
इन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
भोपाल स्थित मौसम विभाग केंद्र द्वारा जारी की गई ताजा जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य क्षेत्र बारिश की दृष्टि से सबसे अधिक संवेदनशील बने हुए हैं। निम्नलिखित जिलों में अति भारी बारिश की प्रबल आशंका जताई गई है, जिसके चलते वहां के निवासियों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है:
- सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज और सतना
- अनूपपुर, शहडोल, उमरिया और डिंडोरी
- कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और सिवनी
- मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह और सागर
- छतरपुर, मैहर और पांढुर्णा
उज्जैन और अन्य क्षेत्रों का मौसम
राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मौसम का मिजाज मिलाजुला रहेगा। विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने की संभावना है। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों जैसे इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार और गुना में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है, जबकि आसमान में दिन भर बादलों का डेरा रहेगा।
तूफानी हवाओं का खतरा
मौसम विभाग ने केवल बारिश ही नहीं, बल्कि तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की है। 30 अगस्त को पूरे प्रदेश में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। इस तरह के मौसम में पेड़ की कमजोर शाखाओं के टूटने, बिजली लाइनों के प्रभावित होने और खुले स्थानों पर लोगों को जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।
राजधानी भोपाल की स्थिति
भोपाल में मौसम का रुख सुहावना बने रहने के आसार हैं। राजधानी में आसमान पर बादल छाए रहेंगे और हवाएं 14 से 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। यहां गरज-चमक के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है। तापमान की बात करें तो अधिकतम तापमान लगभग 28°C और न्यूनतम तापमान 23°C के आसपास दर्ज किया जा सकता है।
सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश
भारी बारिश के दौरान सबसे ज्यादा खतरा निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए है। पहाड़ी और ग्रामीण अंचलों में अचानक छोटे नाले उफान पर आ सकते हैं। ऐसे में यदि किसी पुलिया या रपटे के ऊपर से पानी बह रहा हो, तो उसे पार करने का जोखिम कतई न लें। अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवाजाही में सावधानी बरतें।
किसानों के लिए सलाह
यह मानसून सीजन किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन अत्यधिक बारिश फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकती है। जिन खेतों में जलभराव की समस्या बन रही है, वहां के किसान भाई पानी की निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि फसलों को सुरक्षित रखा जा सके।
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