भोपाल में खुद को IAS अफसर बताने वाली तृप्ति सिंह का नया कारनामा, ₹39.17 लाख की ठगी के बाद FIR दर्ज मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 5
खुद को ट्रेनी आईएएस और एमपी टूरिज्म की अधिकारी बताकर लोगों को ठगने वाली तृप्ति सिंह पर भोपाल में एक और मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी महिला, उसके भाई और सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।

खुद को IAS बताकर करोड़ों का जाल

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ खुद को ट्रेनी आईएएस (IAS) और मध्य प्रदेश टूरिज्म (MPT) की एडिशनल डायरेक्टर बताने वाली तृप्ति सिंह के खिलाफ पुलिस ने एक और मुकदमा दर्ज किया है। तृप्ति सिंह पर आरोप है कि उसने अपने साथियों और भाई के साथ मिलकर होटल-रिसोर्ट लीज पर दिलाने और सरकारी नौकरी लगवाने के बहाने कुल 39.17 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल के बागसेवनियां थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।

कैसे रची गई ठगी की साजिश

पीड़ित की शिकायत के अनुसार, तृप्ति सिंह और उसके गिरोह ने उसे पूरी तरह झांसे में ले लिया था। आरोपी महिला ने खुद को सरकारी तंत्र की रसूखदार अधिकारी बताकर विश्वास जीता और फिर होटल-रिसोर्ट को लीज पर दिलवाने का प्रलोभन दिया। इस काम के लिए आरोपियों ने पीड़ित से 35.30 लाख रुपये वसूल लिए। इसके अलावा, नौकरी लगवाने का भरोसा देकर भी 3.87 लाख रुपये ठग लिए। जब काम नहीं हुआ और पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने खानापूर्ति करते हुए केवल 1 लाख रुपये ऑनलाइन माध्यम से लौटाए, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।

पुलिस की छापेमारी और बरामदगी

जांच के दौरान पुलिस ने तृप्ति सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की। बागमुगलिया स्थित संत आसाराम नगर में उसके घर से पुलिस को कई आपत्तिजनक और चौंकाने वाले दस्तावेज मिले हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल होने वाली वह कार भी बरामद की है, जिस पर भारत सरकार लिखा हुआ था। इसके अलावा उसके घर से सीबीआई (CBI) के नाम वाले फर्जी कार्ड, नकली मुहरें, अवार्ड, सील्ड सरकारी दस्तावेज और फर्जी प्रशस्ति पत्र भी जब्त किए गए हैं। पुलिस की एक टीम उसके ससुराल, जो भोपाल के अल्कापुरी इलाके के मकान नंबर ए-147 में स्थित है, वहां भी पहुंची थी, जहां से फर्जी आईएएस ट्रेनी अधिकारी होने से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ

पुलिस ने मुख्य आरोपी तृप्ति सिंह, उसके भाई सुधांशु सिंह और उनके कार चालक को हिरासत में ले लिया है। अदालत से तीनों को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है ताकि ठगी के इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। पुलिस पूछताछ में यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह ने प्रदेश में अन्य लोगों को भी अपनी फर्जी पहचान के जरिए शिकार बनाया है।

फरार साथियों की तलाश

फिलहाल इस पूरे प्रकरण में तृप्ति सिंह और उसके भाई के अलावा तनुज वैश्य और अंजली सिंह नाम के दो आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। गौरतलब है कि तृप्ति सिंह का नाम इससे पहले भी चर्चा में आया था, जब उसने चंदेरी के एक व्यापारी को एमपी टूरिज्म की एडिशनल हेड बनकर 9.80 लाख रुपये का चूना लगाया था। पुलिस अब उसके पूरे पुराने रिकॉर्ड और इस तरह की अन्य घटनाओं की भी गहन जांच कर रही है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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