बिहार
एक घंटा पहले
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विचारों
सेना में अफसर बनने की जिद
बिहार के भोजपुर जिले के तरारी स्थित चंदा गांव के रहने वाले Govardhan ने साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, तो बड़ी से बड़ी कामयाबी हासिल की जा सकती है। Govardhan का बचपन से ही भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना था, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने न केवल कड़ी मेहनत की, बल्कि पांच सरकारी नौकरियों के प्रस्तावों को भी ठुकरा दिया।
सैनिक स्कूल से मिली प्रेरणा
Govardhan के मन में देश सेवा की भावना तब जागी, जब छठी कक्षा में उनका चयन रीवा सैनिक स्कूल के लिए हुआ। वहां के अनुशासित माहौल ने उनके अंदर देशभक्ति का जज्बा पैदा किया। उन्होंने अपनी मैट्रिक और इंटरमीडिएट की पढ़ाई वहीं पूरी की और बाद में आरा के जैन कॉलेज से अंग्रेजी ऑनर्स में स्नातक किया।
कई सरकारी नौकरियों को कहा ना
Govardhan की मेधा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने कई बड़ी परीक्षाओं में सफलता हासिल की थी। उन्होंने इन नौकरियों को ठुकराया:
- UPSC असिस्टेंट कमांडेंट
- DDA में जूनियर असिस्टेंट
- AIIMS में असिस्टेंट मैनेजर
- BRO (बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन) सहित कुल पांच नौकरियां
सपना हुआ साकार
अपनी पसंद के करियर को चुनने के प्रति अडिग रहने का परिणाम उन्हें साल 2024 में मिला। उन्होंने UPSC के जरिए CDS परीक्षा उत्तीर्ण की और भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति प्राप्त की। देहरादून स्थित एकेडमी में कठिन प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब वे सेना का हिस्सा बन चुके हैं। हाल ही में जब वे अपने आरा स्थित जगदेवनगर आवास पहुंचे, तो परिवार ने उनका भव्य स्वागत किया।
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