एक कमरे में चल रही थी अवैध हथियारों की फैक्ट्री, 10 कट्टे और बनाने का सामान बरामद मध्य प्रदेश एक महीने पहले 30
मध्य प्रदेश के भिण्ड में पुलिस ने एक खाली मकान में चल रही अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया। मौके से 10 कट्टे, जिंदा कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण जब्त किए गए हैं।

मध्य प्रदेश के भिण्ड में पुलिस ने अवैध हथियार तैयार करने वाली एक फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में अंतर्राज्यीय गिरोह से जुड़े पिता और पुत्र को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। मौके से 10 अवैध कट्टे, जिंदा कारतूस और हथियार बनाने में काम आने वाले उपकरण भारी मात्रा में जब्त किए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा के अनुसार, मुखबिर से लगातार सूचना मिल रही थी कि शहर के लहार रोड स्थित दुर्गा नगर में अवैध हथियारों का निर्माण हो रहा है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने सीएसपी निरंजन राजपूत के मार्गदर्शन में देहात थाना प्रभारी शिवप्रताप सिंह, बरोही थाना प्रभारी अतुल भदौरिया और साइबर सेल प्रभारी सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित कर फैक्ट्री का पता लगाने के निर्देश दिए। सक्रिय हुई पुलिस ने दुर्गा नगर की घनी बस्ती में एक खाली मकान के भीतर चल रही इस फैक्ट्री को पकड़ लिया।

मौके से 10 कट्टे बरामद

घटनास्थल से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से छह तैयार तथा चार अधबने 315 बोर के कट्टे जब्त किए गए। इसके साथ ही 315 बोर के दो कारतूस और 12 बोर के तीन कारतूस भी बरामद हुए। दोनों आरोपी आपस में पिता और पुत्र हैं। हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, ग्राइंडर, भट्टी, पाइप, स्प्रिंग, रेतनी और हथौड़े समेत काफी मात्रा में सामान भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है।

यूपी से बुलाते थे कारीगर

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अवैध हथियार बनाने और उन्हें बेचने की बात कबूल कर ली है। उन्होंने बताया कि हथियार तैयार कराने के लिए उत्तर प्रदेश से कारीगरों को बुलाया जाता था। गिरफ्तार दोनों पिता-पुत्र के खिलाफ इससे पहले भी अवैध हथियार निर्माण, तस्करी, हत्या के प्रयास, डकैती की योजना और गैंगस्टर एक्ट सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। मौके से पिता-पुत्र को पकड़ लिया गया, जबकि दो आरोपी अब भी फरार हैं।

घर में ही चलती थी फैक्ट्री

पुलिस के मुताबिक आरोपी अपने ही मकान में हथियार फैक्ट्री संचालित कर रहे थे। पड़ोसियों को कोई भनक न लगे, इसके लिए वे तेज आवाज में गाने बजाकर हथियार बनाने के शोर को दबा देते थे। एसपी के अनुसार, तैयार किए गए कट्टों को 15 से 20 हजार रुपये में बेचा जाता था।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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