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एक घंटा पहले
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निर्माणाधीन इमारत में हुआ था रहस्यमयी धमाका
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में हाल ही में एक निर्माणाधीन इमारत के भीतर हुए धमाके ने सबको हैरान कर दिया था, लेकिन अब बेंगलुरु पुलिस ने इस पूरे मामले से पर्दा उठा दिया है। 20 अक्टूबर को पुलकेशीनगर इलाके में हुए इस विस्फोट को लेकर शुरुआती अटकलें कुछ और थीं, लेकिन गहराई से जांच करने पर सामने आया कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं थी। असल में, यह एक जानबूझकर तैयार किया गया IED यानी इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस था, जिसे किसी की जान लेने के मकसद से बनाया गया था। इस मामले में असम के रहने वाले तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है।
पारिवारिक दुश्मनी और हत्या की गहरी साजिश
पुलिस के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की जड़ें काफी पुरानी और गहरी हैं। यह मामला सीधे तौर पर आपसी रंजिश और पुरानी दुश्मनी से जुड़ा है। बेंगलुरु पुलिस आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 27 वर्षीय जाहिदुल हुसैन बरभुइया, 22 वर्षीय साजिदुल इस्लाम लस्कर और बरहान अहमद बरभुइया शामिल हैं। ये तीनों आरोपी बचपन के मित्र बताए जाते हैं और असम के धीनानाथपुर गांव के रहने वाले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि इन लोगों ने इस खौफनाक साजिश को अंजाम देने के लिए एक व्हाट्सऐप ग्रुप का सहारा लिया था, जहां वे आपस में चर्चा करते थे।
बहन की शादी टूटने और पैसों का विवाद बना कारण
पुलिस की पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। मुख्य आरोपी जाहिदुल और विस्फोट में घायल हुआ अलाउद्दीन आपस में रिश्तेदार हैं। इनके बीच पैतृक जमीन और धन-संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसके अलावा, एक और बड़ी वजह सामने आई है, जिसमें आरोपी की बहन की शादी टूटने को लेकर उपजी कड़वाहट भी शामिल थी। इसी का बदला लेने के लिए आरोपियों ने अलाउद्दीन को रास्ते से हटाने की साजिश रची। उन्होंने इंटरनेट और अन्य माध्यमों से जानकारी हासिल की और स्थानीय स्तर पर सामान जुटाकर खुद ही IED तैयार किया। इसे एक बैटरी के अंदर छिपाया गया और पार्सल में रख दिया गया।
ऐसे हुआ जानलेवा धमाका
साजिश के तहत, इस पार्सल को एक छोटी सी दुकान पर छोड़ दिया गया, ताकि अलाउद्दीन उसे वहां से उठाकर अपने साथ ले जाए। आरोपियों ने लगातार फोन कॉल के जरिए अलाउद्दीन पर दबाव बनाया कि वह पार्सल खोले। नियति को कुछ और ही मंजूर था, और अलाउद्दीन के बजाय उसके साथ काम करने वाले एक अन्य मजदूर ने जैसे ही उस पार्सल को खोलने की कोशिश की, जोरदार धमाका हुआ। इस हादसे में उत्तर प्रदेश के निवासी सूरज कुमार और असम के रहने वाले अलाउद्दीन जख्मी हो गए। पार्सल खोलने वाला मजदूर बुरी तरह घायल हो गया और फिलहाल अस्पताल में उसका इलाज किया जा रहा है।
1500 से अधिक कैमरों की फुटेज खंगाली
इस केस की संवेदनशीलता को समझते हुए बेंगलुरु ईस्ट डिवीजन पुलिस ने 10 विशेष जांच टीमों का गठन किया था। इस चुनौतीपूर्ण काम को पूरा करने के लिए पुलिस ने 1500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच की और 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने दो आरोपियों को बेंगलुरु से ही धर दबोचा, जबकि तीसरा आरोपी कर्नाटक के रायचूर जिले के मस्की इलाके से पकड़ा गया। इस बड़ी कार्रवाई में बेंगलुरु पुलिस को एटीसी, सीसीबी, आईएसडी, रायचूर जिला पुलिस और असम पुलिस का भरपूर सहयोग मिला। पुलिस ने लगातार 72 घंटे तक कड़ी मेहनत की, जिसके बाद यह गुत्थी सुलझ सकी।
आतंकी लिंक से किया इनकार
शुरुआत में जिस तरह से IED का इस्तेमाल किया गया था, उसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए थे। हालांकि, पुलिस की अब तक की जांच ने स्पष्ट कर दिया है कि इसका किसी भी आतंकी संगठन से कोई संबंध नहीं है। यह पूरी तरह से व्यक्तिगत और पारिवारिक दुश्मनी का मामला है। अभी तीनों आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं और पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस साजिश के पीछे कोई और तो नहीं है। गौरतलब है कि हाल ही में बेंगलुरु में ही विधान सौधा को उड़ाने की धमकी वाला एक एआई वीडियो बनाने के आरोप में भी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था, जिससे पुलिस पूरी तरह सतर्क है।
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