बेलगावी मतदाता सूची विवाद: 198 मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश का आरोपी भाजपा नेता को मिली जमानत राष्ट्रीय राजनीति 4 घंटे पहले 6
कर्नाटक के बेलगावी में मतदाता सूची से कथित तौर पर अवैध रूप से नाम हटवाने के मामले में आरोपी भाजपा नेता डॉ. रवि पाटिल को अदालत से बड़ी राहत मिली है।

क्या है बेलगावी मतदाता सूची का पूरा मामला

कर्नाटक के बेलगावी में मतदाता सूची से अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं के नाम कथित तौर पर अवैध तरीके से हटाने का मामला काफी चर्चा में है। इस पूरे प्रकरण में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता डॉ. रवि पाटिल को अदालत से सशर्त जमानत मिल गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने सुनियोजित साजिश के तहत वीरभद्रनगर स्थित पोलिंग बूथ संख्या 195 और 196 से 198 मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटवाने का प्रयास किया था।

अदालत से मिली राहत

बेलगावी की दूसरी अतिरिक्त जिला और सत्र अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए डॉ. रवि पाटिल को राहत देते हुए उन्हें जमानत दे दी है। इस पूरे विवाद के बाद से भाजपा नेता अपनी गिरफ्तारी की आशंका के चलते अंडरग्राउंड हो गए थे। डॉ. रवि पाटिल ने वर्ष 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बेलगावी उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, हालांकि उस चुनाव में उन्हें जीत हासिल नहीं हुई थी।

पुलिस जांच और दर्ज मुकदमे

यह पूरा विवाद तब सामने आया जब वार्ड 12 के बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) ने मार्केट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में डॉ. रवि पाटिल सहित लगभग 20 से 25 लोगों के खिलाफ अपराध संख्या 218/2026 के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस की जांच रिपोर्ट के अनुसार, मामले में विजय हॉस्पिटल के कर्मचारी प्रशांत मुंदिनमनी और शंकर नायक का नाम भी शामिल है।

आरोपियों के खिलाफ बीएनएस एक्ट की विभिन्न धाराओं, जिनमें 318(4), 336(3), 336(4), 353, 61(2), 3(5), 3(7), 192 और 190 शामिल हैं, के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इन लोगों ने फर्जी दस्तावेज पेश किए और गलत जानकारी देकर शहर की शांति और कानून व्यवस्था को बाधित करने का प्रयास किया।

फॉर्म 7 का गलत इस्तेमाल

जांच में खुलासा हुआ है कि यह घटना 22 सितंबर को हुई थी। आरोपी पक्ष पर आरोप है कि उन्होंने फॉर्म नंबर 7 का दुरुपयोग करते हुए जीवित और कानूनी रूप से पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश रची थी। आधिकारिक रिकॉर्ड और एसआईआर (SIR) के माध्यम से की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य विशेष रूप से 198 मुस्लिम मतदाताओं के मताधिकार को प्रभावित करना बताया जा रहा है। फिलहाल, इस मामले में पुलिस की जांच जारी है और अदालत द्वारा दी गई शर्तों का पालन करना आरोपियों के लिए अनिवार्य होगा।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप