राष्ट्रीय राजनीति
4 घंटे पहले
3
विचारों
BCI में छिड़ा विवाद: को-चेयरमैन ने खोला मोर्चा
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के भीतर आंतरिक घमासान तेज हो गया है। काउंसिल के को-चेयरमैन और वरिष्ठ अधिवक्ता वाईआर सदाशिव रेड्डी ने चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। रेड्डी ने चेयरमैन पर वित्तीय गड़बड़ी और अधिकारों के दुरुपयोग समेत कई बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे देश की इस प्रतिष्ठित कानूनी संस्था में हड़कंप मच गया है।
चेयरमैन पर लगे गंभीर आरोप
को-चेयरमैन वाईआर सदाशिव रेड्डी ने चेयरमैन के खिलाफ आरोपों की एक लंबी सूची साझा की है। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों को उठाया है:
- कथित तौर पर ₹150 करोड़ के फंड का गलत तरीके से डायवर्जन (वित्तीय हेरफेर) करना।
- काउंसिल में अपने ही परिवार के सदस्यों की अवैध नियुक्तियां करना।
- NALSAR के छात्रों के खिलाफ कथित रूप से गैर-कानूनी और अवैध तरीके से कार्रवाई करना।
15 दिनों का अल्टीमेटम और विशेष बैठक की मांग
इस विवाद के सामने आने के बाद, को-चेयरमैन रेड्डी ने मनन कुमार मिश्रा को पद से हटने के लिए 15 दिनों का समय दिया है। उन्होंने मांग की है कि मिश्रा इस अवधि के भीतर अपना इस्तीफा सौंप दें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने इस पूरे मामले पर गंभीर चर्चा करने के लिए BCI की एक विशेष बैठक बुलाने की भी पुरजोर वकालत की है।
वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, रेड्डी ने BCI और BCI Trust PEARL First के खातों का एक विशेष ऑडिट (स्पेशल ऑडिट) कराए जाने की मांग भी रखी है, ताकि फंड के कथित हेरफेर की असलियत सामने आ सके।
मनन मिश्रा का पलटवार: पद छोड़ने से इनकार
दूसरी तरफ, इन तीखे आरोपों पर चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने खुद पर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है। मिश्रा ने इस्तीफे की मांग को पूरी तरह से ठुकरा दिया है। इसके साथ ही, उन्होंने वकीलों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल किए जाने पर अपनी तीव्र और कड़ी आपत्ति जताई है।
Comments
0 comment