बरेली: शास्त्री नगर में बिजली के लिए हाहाकार, 24 घंटे में सिर्फ 7 घंटे मिल रही है आपूर्ति उत्तर प्रदेश 2 महीने पहले 37
उत्तर प्रदेश के बरेली में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट को लेकर शास्त्री नगर के निवासियों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया।

भीषण गर्मी के बीच बिजली के लिए प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित शास्त्री नगर इलाके में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है, जिसकी बड़ी वजह बिजली का गहराता संकट है। स्थानीय लोग पिछले काफी समय से बिजली की लचर व्यवस्था से परेशान हैं। हालत यह है कि पूरे 24 घंटे में मुश्किल से 6 से 7 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। बार-बार होने वाली बिजली की कटौती और तकनीकी खराबी से तंग आकर क्षेत्रवासियों ने वार्ड 49 के पार्षद गौरव सक्सेना की अगुवाई में सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया।

बिजली विभाग की लापरवाही से बढ़ा आक्रोश

इस विरोध प्रदर्शन में इलाके की महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तत्काल प्रभाव से बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग उठाई। पार्षद गौरव सक्सेना ने बताया कि शास्त्री नगर क्षेत्र में बिजली के तारों का जलना, ट्रांसफार्मर का बार-बार खराब होना और न्यूट्रल फुंकने जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। उनका आरोप है कि शिकायत करने पर भी बिजली विभाग के कर्मचारी और अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं और फॉल्ट को ठीक करने में भारी लापरवाही बरती जाती है।

राजस्व देने के बावजूद अंधेरे में इलाका

स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे बिजली बिल का भुगतान पूरी ईमानदारी और समय पर कर रहे हैं। शास्त्री नगर का यह इलाका किला सब-स्टेशन का आखिरी छोर होने के बावजूद विभाग को नियमित राजस्व प्रदान करता है। लोगों ने बताया कि अधिकांश घरों में सोलर सिस्टम और बंच केबल लगाए गए हैं, फिर भी उन्हें बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है। पुरानी लाइनों के कारण बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है, जिससे इलाके में अंधेरा पसरा रहता है और लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

नया ट्रांसफार्मर लगाने की उठी मांग

प्रदर्शन के दौरान सामने आया कि इलाके में लगा मौजूदा ट्रांसफार्मर अब तक तीन बार रिपेयर किया जा चुका है, लेकिन उसकी स्थिति अब भी बहुत खराब है। निवासियों का कहना है कि नया ट्रांसफार्मर मंजूर होने के बाद भी अब तक उसे मौके पर स्थापित नहीं किया गया है। लोगों की प्रमुख मांग है कि यहां कम से कम 500 केवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर तुरंत लगाया जाए। इसके अलावा, वर्षों पहले बिछाई गई बंच केबल को अब तक बिजली आपूर्ति से नहीं जोड़ा गया है, जिसके कारण पुरानी और जर्जर तारों के जरिए बिजली पहुंचाई जा रही है, जो आए दिन फॉल्ट का कारण बनती है।

आम जनजीवन पर बुरा असर

बिजली के इस संकट ने लोगों के दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बिजली न रहने के कारण न केवल पीने के पानी का संकट गहरा गया है, बल्कि स्कूली बच्चों की पढ़ाई और लोगों की रात की नींद भी उड़ गई है। भीषण गर्मी में बिजली की अनुपलब्धता स्वास्थ्य के लिहाज से भी चिंताजनक बनी हुई है। फिलहाल प्रदर्शनकारियों को अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मरम्मत का काम कराकर आपूर्ति बहाल की जाएगी, लेकिन स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि जब तक नया ट्रांसफार्मर नहीं लग जाता और व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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