सूडान के गृहयुद्ध में पाकिस्तान की संलिप्तता का दावा, बलोच पीपुल्स कांग्रेस ने सबूतों के साथ घेरा विश्व एक घंटा पहले 4
बलोच पीपुल्स कांग्रेस ने पाकिस्तान पर सूडान के संघर्ष में हथियार और सैन्य उपकरण भेजने का आरोप लगाया है, जिससे क्षेत्र में हिंसा और बढ़ने की आशंका जताई गई है।

पाकिस्तान पर लगा सूडान को हथियार सप्लाई करने का गंभीर आरोप

बलोच पीपुल्स कांग्रेस और उनके साथ खड़े कई पश्तून तथा सिंधी संगठनों ने पाकिस्तान की सेना पर सूडान के आंतरिक युद्ध में सीधा दखल देने का आरोप लगाया है। इन संगठनों का कहना है कि पाकिस्तान लगातार सूडान को घातक हथियार और आधुनिक सैन्य उपकरण भेज रहा है, जिससे वहां की हिंसा का स्तर और अधिक खतरनाक हो सकता है। आरोप है कि हथियारों के इस सौदे से मिलने वाली मोटी रकम का इस्तेमाल पाकिस्तान अपनी सैन्य गतिविधियों और दमनकारी नीतियों को बढ़ावा देने के लिए कर रहा है। संगठन ने सबूत के तौर पर बताया कि हाल ही में सूडान की एक सैन्य परेड के दौरान पाकिस्तान में निर्मित मोहाफिज-वी (Mohafiz-V) बख्तरबंद गाड़ी देखी गई है। दावा है कि सार्वजनिक मंच पर इस वाहन का पहली बार दिखना यह साबित करता है कि दोनों देशों के बीच गोपनीय सैन्य समझौता सक्रिय है।

सूडान तक कैसे पहुंच रहे हैं पाकिस्तानी हथियार

संगठन के अनुसार, ये बख्तरबंद गाड़ियां पाकिस्तान की सरकारी इकाई हेवी इंडस्ट्रीज टैक्सिला (HIT) की सहयोगी कंपनी एचआईटी आर्मर द्वारा तैयार की जाती हैं। बलोच पीपुल्स कांग्रेस का मानना है कि गाड़ियों की यह खेप एक बड़े और व्यापक सैन्य गठबंधन का छोटा सा हिस्सा मात्र है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सूडान को पाकिस्तान से YIHA-III आत्मघाती ड्रोन, शाहपर-2 ड्रोन, के-8 कराकोरम विमान और चीन निर्मित एयर डिफेंस सिस्टम भी सप्लाई किए जाने की खबरें सामने आई हैं। संगठन का यह भी दावा है कि इन सैन्य उपकरणों को सऊदी अरब के रास्ते सूडान पहुंचाया जा रहा है। हालांकि, इस पूरे सौदे की वास्तविक फंडिंग और इसके कुल आकार के बारे में अभी कोई ठोस या आधिकारिक जानकारी स्पष्ट नहीं है।

फंडिंग और हथियारों के दुरुपयोग का आरोप

बलोच पीपुल्स कांग्रेस ने यह भी बताया कि विशेषज्ञों की कुछ रिपोर्ट्स में पहले यह बात सामने आई थी कि लगभग 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर का एक प्रस्तावित हथियारों का सौदा सऊदी अरब द्वारा आर्थिक मदद खींच लेने के कारण बीच में ही ठप हो गया था। लेकिन, सूडान की धरती पर पाकिस्तानी सैन्य उपकरणों की मौजूदगी से यह आशंका बढ़ गई है कि इस सौदे का एक बड़ा हिस्सा चुपचाप क्रियान्वित किया जा चुका है। इसके अलावा, संगठन ने पाकिस्तान सेना की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तानी सेना अपने ही देश के बलोच और पश्तून इलाकों में मासूम नागरिकों के दमन के लिए इन्हीं आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करती रही है। डर इस बात का है कि हथियारों के निर्यात से मिलने वाली विदेशी मुद्रा का उपयोग अंततः बलोच, सिंधी और पश्तून आबादी के खिलाफ अत्याचार बढ़ाने में किया जाएगा।

सूडान की मानवीय स्थिति पर चिंता

सूडान में चल रहे संघर्ष की भयावहता पर चिंता जताते हुए संगठन ने कहा कि अप्रैल 2023 से जारी इस युद्ध में अब तक हजारों बेगुनाह लोग मारे जा चुके हैं और लाखों नागरिक अपने घरों को छोड़कर विस्थापित होने पर मजबूर हुए हैं। हाल ही में ड्रोन हमलों के कारण एक साथ 77 लोगों की मौत की दुखद घटना ने स्थिति की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इसी तरह सैन्य साजो-सामान की आपूर्ति होती रही, तो यह संघर्ष और अधिक उग्र हो जाएगा और शांति बहाल करने के सभी अंतरराष्ट्रीय प्रयास विफल हो जाएंगे। अंत में, बलोच पीपुल्स कांग्रेस ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की है कि पाकिस्तान द्वारा की जा रही हथियारों की इस संदिग्ध सप्लाई को तत्काल प्रभाव से रोका जाए और इस सैन्य सहयोग, फंडिंग तथा इसमें शामिल बिचौलियों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच करवाई जाए।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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