दाढ़ी रखें या मूंछ कटाएं, बाबा रामदेव ने मुसलमानों को लेकर क्यों कही यह बड़ी बात? भारत एक महीने पहले 79
योग गुरु बाबा रामदेव ने दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में हिंदू राष्ट्र और पूर्वजों की विरासत को लेकर अपनी बात रखी, जिस पर अब राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है।

सनातन और हिंदू राष्ट्र पर बाबा रामदेव का रुख

योग गुरु बाबा रामदेव ने हाल ही में सनातन धर्म की व्यापकता पर जोर देते हुए कहा कि सनातन दुनिया का सबसे प्राचीन धर्म है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम सभी एक ही राष्ट्र का अभिन्न हिस्सा हैं और हमारा DNA एक ही है। बाबा रामदेव के अनुसार, सनातन धर्म पर किसी को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए क्योंकि भारत ने पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अफगानिस्तान जैसे देशों में भी लोग मानते हैं कि उनके पूर्वज एक ही हैं, इसलिए सभी को अपनी विरासत और पूर्वजों का सम्मान करना चाहिए।

दिल्ली विश्वविद्यालय में दिया संदेश

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब रविवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के एक आयोजन के दौरान बाबा रामदेव ने संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण में जोर देकर कहा कि सभी भारतीयों के पूर्वज एक हैं। रामदेव ने उपस्थित लोगों से कहा कि हिंदू राष्ट्र की अवधारणा से किसी को भी भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने मंच से यह भी कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर भी ऐसे संदेश लिखे हैं जो राष्ट्र निर्माण और एकता की प्रेरणा देते हैं।

दाढ़ी और पहचान पर क्या बोले रामदेव?

बाबा रामदेव ने मुस्लिम समुदाय को लेकर एक विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि मुसलमानों को डराया जाता है कि भारत यदि हिंदू राष्ट्र बना तो उनका क्या होगा। रामदेव ने अपनी सलाह में कहा कि उन्हें अपने पूर्वजों की परंपराओं को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'तुम दाढ़ी रखो या मूंछ कटाओ, या फिर अपनी पसंद के वस्त्र पहनो, लेकिन तुम्हारा चरित्र अपने ऋषि-मुनियों जैसा होना चाहिए।' उन्होंने साफ तौर पर दोहराया कि भारत में मुसलमानों को किसी भी प्रकार का खतरा नहीं है और उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है।

राजनीतिक दलों ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

बाबा रामदेव के इस बयान के बाद AIMIM ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि भारतीय मुसलमान किसी के बाप से नहीं डरते हैं। पठान ने स्पष्ट किया कि वे देश के संविधान का पूरा सम्मान करते हैं और कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखते हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मुसलमानों की खामोशी को डर समझने की भूल न करें। दूसरी ओर, 24 जुलाई को दिल्ली में मुस्लिम नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है, जिसमें असदुद्दीन ओवैसी, मदनी और नदवी जैसे नेता समुदाय से जुड़े मुद्दों पर मंथन करेंगे।

सलमान खुर्शीद का पलटवार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने इस पूरे मुद्दे पर अपनी असहमति जताई है। उन्होंने सवाल किया कि यदि सभी लोग सनातनी ही थे, तो समाज में इतनी दरारें पैदा करने की कोशिश क्यों की जा रही है? खुर्शीद ने कहा कि वे केवल कांग्रेस पार्टी की विचारधारा और संविधान में विश्वास रखते हैं। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी व्यक्ति को संविधान के दायरे में रहकर ही कोई भी टिप्पणी करनी चाहिए।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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