मुजफ्फरपुर में 'श्रावणी मेला ऐप' लॉन्च, घर बैठे कर सकेंगे बाबा गरीबनाथ के लाइव दर्शन, रील बनाने पर मिलेगा 5000 रुपये तक का इनाम धर्म एक महीने पहले 45
मुजफ्फरपुर नगर निगम ने बाबा गरीबनाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 'श्रावणी मेला ऐप' लॉन्च किया है, जिसके जरिए दर्शन के साथ-साथ कई सुविधाएं मिलेंगी और रील बनाकर नकद इनाम भी जीता जा सकेगा।

मुजफ्फरपुर के सुप्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर में श्रावण मास के दौरान उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने एक बड़ा और आधुनिक कदम उठाया है। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा और मेले के डिजिटल प्रबंधन के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया 'श्रावणी मेला ऐप' आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया गया है। इस ऐप की मदद से अब देश-विदेश के शिवभक्त न केवल घर बैठे बाबा गरीबनाथ के दर्शन कर सकेंगे, बल्कि उन्हें मेले से जुड़ी तमाम जानकारियां और सुविधाएं भी अपनी उंगलियों पर मिलेंगी।

इस नई पहल से कांवरियों और आम भक्तों के लिए सुगम दर्शन की राह आसान हो जाएगी। नगर निगम की ओर से इस ऐप को बेहद सुलभ और सूचनाप्रद बनाया गया है ताकि हर आयु वर्ग के लोग इसका आसानी से उपयोग कर सकें।

घर बैठे करें गर्भगृह के लाइव दर्शन और वर्चुअल पूजा

नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह ने ऐप के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह डिजिटल मंच श्रद्धालुओं को बाबा गरीबनाथ मंदिर से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगा। इस ऐप का सबसे बड़ा आकर्षण बाबा गरीबनाथ मंदिर के गर्भगृह का सीधा प्रसारण (लाइव दर्शन) है। इसके माध्यम से जो श्रद्धालु किसी कारणवश मंदिर तक पहुंचने में असमर्थ हैं, वे भी घर बैठे बाबा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, ऐप पर भक्तों के लिए वर्चुअल पूजा करने और पूजा के विभिन्न मंत्रों को पढ़ने की सुविधा भी दी गई है। इसके साथ ही श्रद्धालु देश के अन्य प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों के भी डिजिटल माध्यम से दर्शन कर सकते हैं।

एक ही मंच पर मिलेंगी ये सभी डिजिटल सुविधाएं

श्रावणी मेले के दौरान सुरक्षा और सुव्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इसके लिए ऐप में कई आवश्यक फीचर्स जोड़े गए हैं। नगर आयुक्त के अनुसार, इस ऐप के जरिए श्रद्धालु निम्नलिखित सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं:

  • भीड़ की लाइव जानकारी: श्रद्धालु मंदिर में उमड़ने वाली भीड़ की स्थिति को लाइव देखकर अपनी यात्रा और दर्शन का समय तय कर सकते हैं।
  • मेला रूट मैप और ठहराव स्थल: सुल्तानगंज से जलबोझी करके आने वाले कांवरियों के लिए पूरे रास्ते का रूट मैप उपलब्ध कराया गया है।
  • धर्मशाला और कांवरिया शिविर: रास्ते में ठहरने के लिए धर्मशालाओं, भंडारा स्थलों और कांवरिया शिविरों की सटीक जानकारी मिलेगी।
  • बुनियादी सुविधाएं: पार्किंग स्थल, होटल, एटीएम, शुद्ध पेयजल, शौचालय और आपातकालीन चिकित्सा शिविरों का स्थान ऐप पर देखा जा सकता है।
  • आपातकालीन सहायता: किसी भी अनहोनी या मदद की स्थिति के लिए ऐप में आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर और खोया-पाया केंद्र की सुविधा भी शामिल की गई है।

रील बनाइए और जीतिए 5000 रुपये तक का नकद इनाम

इस ऐप को युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए नगर निगम ने एक अनोखी प्रतियोगिता की भी घोषणा की है। नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह ने 'श्रावणी मेला ऐप रील प्रतियोगिता' का शुभारंभ किया है। इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए प्रतिभागियों को इस ऐप की उपयोगिता और फायदों को दर्शाती हुई रचनात्मक रील बनानी होगी और उसे अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करना होगा।

इस प्रतियोगिता के तहत विजेताओं का चयन रील को मिलने वाले व्यूज, लाइक्स और शेयर्स के आधार पर किया जाएगा। हर हफ्ते सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा। श्रावण मास की समाप्ति पर मुख्य विजेताओं की घोषणा की जाएगी, जिन्हें निम्नलिखित पुरस्कार दिए जाएंगे:

  • प्रथम पुरस्कार: ₹5,000 नकद, मेडल और प्रशस्ति पत्र
  • द्वितीय पुरस्कार: ₹3,000 नकद, मेडल और प्रशस्ति पत्र
  • तृतीय पुरस्कार: ₹2,000 नकद, मेडल and प्रशस्ति पत्र

इसके अतिरिक्त, शीर्ष 10 में स्थान पाने वाले अन्य सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को भी सांत्वना पुरस्कार के रूप में विशेष सम्मान प्रदान किया जाएगा।

रेफरल कोड के जरिए ऐप डाउनलोड कराने पर विशेष सम्मान

इस ऐप के प्रचार-प्रसार को गति देने के लिए इसमें एक खास रेफरल कोड सिस्टम भी शामिल किया गया है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को उनका एक व्यक्तिगत रेफरल कोड दिया जाएगा। इस कोड के माध्यम से वे अपने प्रशंसकों और आम जनता को ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। श्रावणी मेले के अंत में, जिस प्रतिभागी के रेफरल कोड का उपयोग करके सबसे अधिक डाउनलोड किए जाएंगे, उसे नगर निगम की ओर से सार्वजनिक रूप से एक विशेष सम्मान और पुरस्कार से नवाजा जाएगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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