राम मंदिर चंदा चोरी मामला: अब दो बैंक कर्मचारियों पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, रत्नेश और गगनदीप की भूमिका संदिग्ध उत्तर प्रदेश 3 महीने पहले 129
अयोध्या के राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस का दायरा और बढ़ गया है। एसबीआई बैंक के दो कर्मचारियों रत्नेश और गगनदीप से अब जल्द पूछताछ की जाएगी, जिनका नाम पहले से गिरफ्तार आरोपियों ने लिया है।

अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का विस्तार

अयोध्या में राम मंदिर को मिले दान और चढ़ावे की रकम में हुई चोरी की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है, इस मामले में बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस अब तक इस सनसनीखेज मामले में कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन अब जांच की आंच बैंक के गलियारों तक पहुंच गई है। पुलिस की रडार पर अब भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई के दो कर्मचारी आ गए हैं, जिनके नाम रत्नेश चतुर्वेदी और गगनदीप बताए जा रहे हैं।

कौन हैं रत्नेश और गगनदीप और क्या है इनका काम

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रत्नेश और गगनदीप एसबीआई की अयोध्या धाम शाखा में कार्यरत हैं। इन दोनों पर मंदिर के चढ़ावे की राशि को व्यवस्थित करने की बड़ी जिम्मेदारी थी। इनका मुख्य काम मंदिर से आने वाली दान की राशि को गिनने की प्रक्रिया की निगरानी करना और उसे सुरक्षित रूप से बैंक में जमा करवाना था। पुलिस को इन दोनों की भूमिका पर गंभीर संदेह है क्योंकि पूर्व में गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पूछताछ के दौरान इन दोनों के नाम का उल्लेख किया है।

कैसे अंजाम देते थे चोरी की घटना

जांच में यह बात सामने आई है कि दान की रकम में हेरफेर का खेल बहुत ही शातिराना तरीके से चल रहा था। पुलिस का मानना है कि ये दोनों बैंक कर्मचारी आरोपियों की मिलीभगत का हिस्सा थे। खेल का तरीका बेहद सरल लेकिन प्रभावी था। जिन दिनों आरोपियों द्वारा दान पेटी से पैसे चुराना संभव नहीं हो पाता था, उस दिन यह लोग आंकड़ों में हेरफेर कर देते थे।

पुलिस को शक है कि ये कर्मचारी गिनने के दौरान जानबूझकर 2 से 3 लाख रुपये कम दर्ज करते थे। इसके बाद, बैंक में रकम जमा करने की प्रक्रिया के दौरान इसी राशि को गबन कर लिया जाता था। इस तरह से मंदिर के खजाने को हर बार लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा था। अब पुलिस इन दोनों कर्मचारियों के साथ साथ इनके एक वरिष्ठ अधिकारी से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है। एसबीआई अयोध्या धाम शाखा की निगरानी में आउटसोर्सिंग के जरिए काम करने वाले अन्य कर्मचारी भी अब पुलिस की जांच के दायरे में हैं।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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