असम में मूसलाधार बारिश का कहर, धेमाजी में कटाव से टूटा रेलवे पुल, अमित शाह ने लिया जायजा भारत 3 महीने पहले 134
असम के धेमाजी जिले में भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, जिससे रेल संपर्क टूट गया है। स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से बात कर केंद्र की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।

असम में प्राकृतिक आपदा का संकट

असम में पिछले कुछ दिनों से हो रही भीषण बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है, विशेषकर धेमाजी जिले में हालात बाढ़ जैसे बन गए हैं। नदियां अपने पूरे उफान पर हैं और तटों पर हो रहे भारी कटाव की वजह से बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है। कटाव के कारण एक महत्वपूर्ण रेलवे पुल क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे क्षेत्र का रेल संपर्क पूरी तरह से कट गया है। इस आपदापूर्ण स्थिति के बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सक्रियता दिखाते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से फोन पर बातचीत की। शाह ने बाढ़ से उपजे हालात की विस्तृत जानकारी ली और राज्य को केंद्र सरकार की तरफ से हर प्रकार की मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर क्षतिग्रस्त पुल की तस्वीरें साझा कर स्थिति की गंभीरता को उजागर किया है।

केंद्र और राज्य सरकार का समन्वय

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस संबंध में 'एक्स' पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने माननीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ धेमाजी की स्थिति पर चर्चा की है। उन्होंने बताया कि गृहमंत्री को राज्य में चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्यों के बारे में अवगत कराया गया है। हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि केंद्र सरकार इस संकट की घड़ी में असम के साथ मजबूती से खड़ी है और हर आवश्यक संसाधन मुहैया कराने का आश्वासन दिया है।

रेल सेवा प्रभावित और सरकार की प्राथमिकताएं

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे यानी NFR ने आधिकारिक सूचना जारी कर बताया है कि भारी कटाव के कारण रेलवे पुल को नुकसान हुआ है। सुरक्षा कारणों से आर्चीपाथर और सिमेन चापरी स्टेशनों के बीच रेल परिचालन को फिलहाल अगली सूचना आने तक स्थगित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार धेमाजी के बाढ़ पीड़ितों की सुरक्षा और उनके पुनर्वास को अपनी पहली प्राथमिकता मान रही है। इस कार्य के लिए सरकार अपने सभी संसाधनों को जुटाने में लगी है।

राहत कार्यों की निगरानी के लिए मंत्री तैनात

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कोताही न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्यों को जवाबदेही सौंपी है। जल संसाधन मंत्री सुशांत बोरगोहेन और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशब महंत को विशेष रूप से धेमाजी में रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास कर रही है और प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदना के साथ खड़ी है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप