टमाटर की खेती: अर्का रक्षक किस्म से बंपर पैदावार, एक पौधे से पाएं 18 किलो तक फल भारत 3 महीने पहले 120
टमाटर की खेती करने वाले किसानों के लिए एक उन्नत किस्म वरदान साबित हो रही है। इस किस्म को अपनाकर किसान प्रति एकड़ लाखों रुपये की कमाई कर सकते हैं।

टमाटर की उन्नत खेती के टिप्स

अगर आप मानसून के इस दौर में खेती से जुड़ी नई योजनाएं बना रहे हैं, तो टमाटर की एक खास किस्म आपकी आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव ला सकती है। जमुई के प्रगतिशील किसान निरंजन कुमार ने एक ऐसी टमाटर की प्रजाति के बारे में बताया है, जो न केवल बंपर पैदावार देने के लिए जानी जाती है, बल्कि किसानों के लिए मुनाफे का एक बड़ा जरिया भी है। इस किस्म का नाम अर्का रक्षक (एफ) है, जिसकी खेती से किसान कम समय में अधिक लाभ कमा सकते हैं।

अर्का रक्षक (एफ) की विशेषता

निरंजन कुमार के अनुसार, अर्का रक्षक (एफ) टमाटर की एक ऐसी संकर किस्म है जो अपनी उत्पादकता के लिए मशहूर है। यदि पौधे की देखभाल सही ढंग से की जाए और उसे उपयुक्त वातावरण मिले, तो एक अकेला पौधा 18 किलो तक टमाटर का उत्पादन देने में सक्षम है। इस किस्म के हर फल का औसत वजन 75 से 80 ग्राम के बीच होता है, जो बाजार में बिकने वाले अन्य सामान्य टमाटरों की तुलना में काफी बेहतर माना जाता है।

कम मेहनत में अधिक मुनाफा

इस किस्म की खेती का चक्र 140 से 150 दिनों का होता है। किसान इसे खरीफ और रबी, दोनों ही मौसमों में आसानी से लगा सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी खूबी इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता है। सामान्य तौर पर टमाटर की फसल को प्रभावित करने वाले कई ऐसे रोग होते हैं, जिनसे अर्का रक्षक (एफ) का पौधा खुद को बचाने में सक्षम है। रोग मुक्त फसल होने के कारण इसमें नुकसान की संभावना काफी कम हो जाती है। निरंजन कुमार का दावा है कि इस किस्म से प्रति एकड़ 40 से 50 टन तक पैदावार हासिल की जा सकती है, जिससे किसान एक एकड़ की खेती से 4 से 5 लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं।

खेती के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें

निरंजन कुमार ने सफल खेती के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए हैं:

  • बीजों का चयन: हमेशा प्रमाणित और अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों का ही चुनाव करें, ताकि अंकुरण और विकास दर बेहतर बनी रहे।
  • जल निकासी: बारिश के मौसम में टमाटर के खेतों में पानी का जमाव फसल के लिए घातक हो सकता है। इसलिए, जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
  • देखभाल: रोग प्रतिरोधी होने के बावजूद समय-समय पर फसल की निगरानी करते रहें ताकि उपज में कोई कमी न आए।

कुल मिलाकर, यदि किसान अर्का रक्षक (एफ) किस्म को अपनाते हैं और वैज्ञानिक तरीकों से खेती करते हैं, तो वे टमाटर के उत्पादन से अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। यह किस्म न केवल व्यावसायिक दृष्टि से लाभदायक है, बल्कि कम जोखिम के साथ बेहतर परिणाम देने में भी मदद करती है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप