मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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शांति बिहार कॉलोनी के पास हुई वारदात
मध्य प्रदेश के रीवा शहर में मंगलवार की शाम एक बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक घटना सामने आई है। शहर के सिविल लाइन थाना अंतर्गत शांति बिहार कॉलोनी के पास बाइक पर सवार होकर आए कुछ बदमाशों ने एक कांग्रेस नेता की चाकू घोंपकर निर्मम हत्या कर दी। मृतक की पहचान अमित वर्मा (कोल) के रूप में हुई है, जो आदिवासी समाज के एक प्रमुख चेहरे थे और कांग्रेस पार्टी से पार्षद पद का चुनाव भी लड़ चुके थे। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
भुट्टे के ठेले पर शुरू हुआ विवाद
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमित वर्मा मंगलवार की शाम अपने कुछ मित्रों के साथ काम के सिलसिले में घर से निकले थे। रीवा-सतना हाईवे के पास स्थित सांची पार्लर के पास वे रुके और वहीं पास में लगे एक भुट्टे के ठेले पर खाने के लिए बैठ गए। बताया जा रहा है कि भुट्टा खाने के दौरान किसी छोटी सी बात को लेकर अमित वर्मा की ठेला संचालक से बहस हो गई। यह बहस इतनी अधिक बढ़ गई कि ठेला संचालक ने तुरंत अपने भाइयों और सहयोगियों को घटना स्थल पर बुला लिया।
चाकू के ताबड़तोड़ हमलों से हुई मौत
विवाद की सूचना मिलते ही तीन नकाबपोश बदमाश तेजी से एक बाइक पर सवार होकर वहां पहुंचे। इन हमलावरों ने आते ही अमित वर्मा पर चाकू से हमला कर दिया। बदमाशों ने पूरी बेरहमी दिखाते हुए अमित के सीने और पेट पर चाकू के कई वार किए। हमला इतना घातक था कि अमित मौके पर ही खून से लथपथ होकर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी बाइक छोड़कर वहां से भाग खड़े हुए। आसपास के लोगों और परिजनों ने फौरन उन्हें संजय गांधी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की जांच और संदिग्धों से पूछताछ
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने घटनास्थल से दो मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं जो संदिग्धों की मानी जा रही हैं। इलाके के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। अमित वर्मा की राजनीतिक सक्रियता की बात करें तो वे अनुसूचित जनजाति समाज के जिलाध्यक्ष थे और एनएसयूआई के साथ भी मजबूती से जुड़े हुए थे। उन्होंने वार्ड क्रमांक 4 (पड़रा) से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर पार्षद का चुनाव भी लड़ा था।
परिवार पर दुखों का पहाड़
अमित वर्मा के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के रिश्तेदार कार्तिकेय ने बताया कि उन्हें भीड़ देखकर घटना की सूचना मिली, जिसके बाद उन्होंने अमित को लहूलुहान अवस्था में देखा। यह दुखद घटना परिवार के लिए एक बड़ा सदमा है क्योंकि अमित के पिता प्रकाशचंद्र वर्मा वर्तमान में अनूपपुर के राजेंद्रग्राम में थाना प्रभारी के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं और इसी महीने की 31 तारीख को वे सेवानिवृत्त होने वाले थे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती जांच में मामला मामूली विवाद का लग रहा है, हालांकि हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाई जाएगी।
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