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2 घंटे पहले
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इल्हान उमर के घर पर फेडरल रेड
अमेरिकी राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला है, जहां डेमोक्रेटिक पार्टी की चर्चित और अक्सर विवादों में रहने वाली सांसद इल्हान उमर के वाशिंगटन डीसी स्थित घर पर छापेमारी की गई है। इस कार्रवाई के बाद से अमेरिका में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इल्हान उमर ने इस पूरी कार्रवाई के पीछे डोनाल्ड ट्रंप का हाथ बताया है और उन पर सीधे तौर पर अपनी जासूसी कराने का संगीन आरोप मढ़ा है। वहीं, दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप ने इल्हान उमर पर निशाना साधते हुए उन्हें बेहद बेईमान और एक बुरी हस्ती करार दिया है। ट्रंप का कहना है कि न्याय विभाग इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।
जांच का दायरा और इमिग्रेशन फ्रॉड का एंगल
अमेरिकी न्याय विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह छापेमारी किसी सामान्य कार्रवाई का हिस्सा नहीं, बल्कि एक जारी फेडरल जांच के तहत की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस की टीम ने अदालत से वारंट हासिल करने के बाद यह कदम उठाया है। इस पूरे मामले से जुड़े सूत्रों का मानना है कि यह जांच मुख्य रूप से इमिग्रेशन फ्रॉड या आव्रजन से जुड़ी धोखाधड़ी से संबंधित हो सकती है। ट्रंप पहले भी इल्हान उमर पर यह तंज कस चुके हैं कि उन्होंने अमेरिका में अवैध तरीके से प्रवेश किया था और नागरिकता हासिल करने के लिए अपने भाई से ही शादी कर ली थी। हालांकि, इल्हान उमर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ट्रंप प्रशासन का राजनीतिक प्रतिशोध और डराने-धमकाने का हथकंडा बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए एक हथियार के रूप में किया जा रहा है।
जोहरान ममदानी का तीखा विरोध
इस छापेमारी के विरोध में न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी भी खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने इस सरकारी कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। ममदानी ने ट्रंप प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि इल्हान उमर की सरकार से असहमति के कारण होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की पूरी ताकत का गलत इस्तेमाल किया गया है। ममदानी के अनुसार, किसी व्यक्ति की नागरिकता या कानूनी स्थिति को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में हथियार की तरह इस्तेमाल करना बेहद चिंताजनक और गलत है।
कौन हैं इल्हान उमर और क्यों हैं विवादों में
इल्हान उमर अमेरिका की पहली मुस्लिम महिला सांसदों में से एक हैं, लेकिन उनका राजनीतिक करियर हमेशा से विवादों के घेरे में रहा है। उन्हें अक्सर अमेरिका विरोधी और भारत विरोधी लॉबी का प्रमुख चेहरा माना जाता है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई ऐसे बयान दिए हैं जिन्हें धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देने वाला माना गया। चाहे 9/11 के आतंकवादी हमलों पर की गई विवादित टिप्पणी हो या फिर अमेरिका और इजरायल के संबंधों पर नकारात्मक बयानबाजी, इल्हान उमर ने हमेशा विवादों को खुद से जोड़कर रखा है।
भारत के खिलाफ रुख और पाकिस्तान से नजदीकी
भारतीय दृष्टिकोण से देखें तो इल्हान उमर हमेशा से एक मुखर आलोचक रही हैं। वे न केवल भारत की आंतरिक राजनीति में दखल देती रही हैं, बल्कि कश्मीर मुद्दे पर भी लगातार जहर उगलती रही हैं। उन्हें अक्सर इस्लामाबाद की राजनीतिक विचारधारा के बहुत करीब माना जाता है। उनकी प्रमुख गतिविधियों में शामिल हैं:
- भारत में मानवाधिकारों के उल्लंघन का आधारहीन दावा करना और अल्पसंख्यकों के मुद्दों पर दुष्प्रचार फैलाना।
- कश्मीर के मुद्दे को बार-बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की वकालत करना।
- साल 2022 में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का दौरा करना, जिसे भारत ने अपनी संप्रभुता का सीधा उल्लंघन माना था।
- अमेरिका जैसे मंचों पर भारत की संप्रभुता के खिलाफ बयानबाजी करना ताकि इसे अंतरराष्ट्रीय पटल पर मुद्दा बनाया जा सके।
इन बयानों के कारण ही इल्हान उमर की पहचान एक ऐसी नेता के तौर पर बनी है जो भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना अपनी राजनीति का हिस्सा मानती हैं। फिलहाल, उनके घर पर हुई छापेमारी के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है और अमेरिकी राजनीति में इसका क्या प्रभाव पड़ता है।
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