अमेरिका: हिंदू मंदिर में नरसंहार की बड़ी साजिश नाकाम, बंदूक जाम होने से बची सैकड़ों लोगों की जान विश्व 2 घंटे पहले 5
अमेरिका के इलिनॉय में एक 19 वर्षीय युवक ने हिंदू मंदिर में भारतीयों को निशाना बनाने की खौफनाक साजिश रची थी, लेकिन हथियार जाम होने के चलते एक बड़ी त्रासदी टल गई।

इलिनॉय में फैली सनसनी

अमेरिका के इलिनॉय राज्य से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ अरोरा शहर में स्थित एक प्रमुख हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोगों की हत्या करने की साजिश रची गई थी। गनीमत यह रही कि आरोपी की बंदूक ऐन मौके पर जाम हो गई और एक संभावित नरसंहार टल गया। इस घटना ने पूरे इलाके में रहने वाले भारतीय समुदाय को हिलाकर रख दिया है।

कौन है आरोपी और क्या थी योजना

इस साजिश को अंजाम देने वाला आरोपी 19 वर्षीय अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस है। वह इलिनॉय के पैलेटाइन इलाके का रहने वाला है और स्थानीय तौर पर एक टाको बेल रेस्टोरेंट में कैशियर के रूप में काम करता है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने रविवार को अपनी मां के घर से निकलने के बाद सीधे अरोरा स्थित हिंदू मंदिर जाने का पूरा खाका तैयार किया था। उसका एकमात्र मकसद वहां मौजूद भारतीय श्रद्धालुओं को मौत के घाट उतारना था।

हथियारों का जखीरा और नाकाम कोशिश

पुलिस की जांच में आरोपी के पास से बरामद सामान उसके खतरनाक इरादों की पुष्टि करता है। उसके पास एक एआर-स्टाइल राइफल, लगभग 300 गोलियां, एक बुलेट प्रूफ जैकेट और पेट्रोल से भरे डिब्बे मौजूद थे। इसके अलावा उसके पास से स्वास्तिक के निशान वाली कई वस्तुएं भी बरामद की गई हैं। मंदिर पहुंचने के बाद जैसे ही उसने गोली चलाने की कोशिश की, उसकी राइफल जाम हो गई। यह तकनीकी खराबी वहां मौजूद निर्दोष लोगों के लिए जीवनदान साबित हुई।

पुलिस के हत्थे कैसे चढ़ा आरोपी

राइफल जाम होने के बाद आरोपी वहां से वापस लौट गया, लेकिन उसकी सनक यहीं खत्म नहीं हुई। उसने इंटरनेट पर यह सर्च करना शुरू कर दिया कि जाम हुई बंदूक को दोबारा कैसे चालू किया जाए। इसी दौरान उसने अपने एक सहकर्मी को फोन किया और उसे मंदिर में हमले की अपनी योजना के बारे में सब कुछ बता दिया। सतर्क सहकर्मी ने तुरंत पुलिस को इस बात की सूचना दी। जानकारी मिलने पर हरकत में आई पुलिस ने 11 अक्टूबर को आरोपी को धर दबोचा।

दर्ज किए गए गंभीर आरोप

फिलहाल अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस पुलिस की हिरासत में है। उस पर आतंकवादी धमकी देने के अलावा गैर-कानूनी तरीके से घातक हथियार रखने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अमेरिकी मीडिया संस्थानों के अनुसार, यह पूरी साजिश नफरत से प्रेरित थी और अगर बंदूक ने साथ दिया होता तो अंजाम बेहद भयानक हो सकता था। कानून प्रवर्तन एजेंसियां मामले की गहन जांच में जुटी हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह किसी बड़े गिरोह से जुड़ा था या उसने अकेले ही इस घटना की योजना बनाई थी।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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