एल साल्वाडोर में मिला 3000 साल पुराना नरकंकाल, क्या प्राचीन काल में दी जाती थी मानव बलि? विश्व एक महीने पहले 48
मध्य अमेरिका के एल साल्वाडोर में पुरातत्वविदों को करीब 3000 साल पुराने इंसानी अवशेष मिले हैं, जिनकी स्थिति बलि प्रथा की ओर इशारा कर रही है। यह खोज मेसोअमेरिका के प्राचीन इतिहास और वहां की रहस्यमयी सभ्यताओं के रहस्यों को खोलने में मदद करेगी।

पुरातत्व की बड़ी खोज

मध्य अमेरिकी देश एल साल्वाडोर में वैज्ञानिकों और पुरातत्वविदों को एक ऐसी दुर्लभ खोज हाथ लगी है, जिसने प्राचीन इतिहास के पन्नों को फिर से कुरेदने पर मजबूर कर दिया है। राजधानी सैन साल्वाडोर के निकट स्थित एंटीगुओ कुस्कातलान इलाके में खुदाई के दौरान लगभग 3000 साल पुराने इंसानी अवशेष प्राप्त हुए हैं। यह स्थान अब शोधकर्ताओं के लिए एक बड़े रहस्य का केंद्र बन गया है, क्योंकि जिस तरह से ये कंकाल मिले हैं, वे सीधे तौर पर प्राचीन काल में प्रचलित मानव बलि जैसी क्रूर परंपराओं की तरफ संकेत करते हैं।

अवशेषों की उम्र और वैज्ञानिक जांच

वहां के संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, ये अवशेष संभवतः 850 ईसा पूर्व के कालखंड के हो सकते हैं। फिलहाल वैज्ञानिक इन प्राचीन हड्डियों की वास्तविक आयु और अन्य पहलुओं की पुष्टि करने के लिए रेडियोकार्बन डेटिंग और डीएनए परीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं। इन वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि संबंधित व्यक्ति कौन था और उसका लिंग क्या था। इस क्षेत्र में मिले अवशेषों के वैज्ञानिक विश्लेषण से उस सभ्यता के रहन-सहन और उनके धार्मिक विश्वासों के बारे में नई जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

कंकाल की स्थिति और अनूठी वस्तुएं

इस कंकाल की खोज 2 जुलाई को एक प्राचीन दफन स्थल की खुदाई के दौरान हुई। विशेषज्ञों ने पाया कि यह कंकाल मुंह के बल जमीन की ओर पड़ा हुआ था, जो सामान्य दफन परंपराओं से बिल्कुल अलग है। कब्र के भीतर से अन्य कई महत्वपूर्ण वस्तुएं भी मिली हैं, जिनमें समुद्री कछुए के आकार का एक छोटा मिट्टी का बर्तन प्रमुख है। इसके साथ ही, ज्वालामुखी की राख की मोटी परतों के नीचे कसावा नामक पौधे की शाखाओं के अवशेष भी सुरक्षित अवस्था में पाए गए हैं, जो उस समय की वनस्पति और आहार संस्कृति पर प्रकाश डालते हैं।

बलि प्रथा के पुराने सबूतों से तुलना

शोधकर्ता इस नई खोज को एल साल्वाडोर के ही चालचुआपा पुरातात्विक क्षेत्र में हुई एक पुरानी खोज से जोड़कर देख रहे हैं। 1970 के दशक में चालचुआपा में खुदाई के दौरान 33 लोगों के नरकंकाल मिले थे। उन अवशेषों में कई कंकाल मुंह के बल पड़े थे और उनके हाथ-पैर रस्सी या किसी चीज से बंधे हुए थे। उनमें से कुछ के सिर धड़ से अलग थे और शरीर पर काटने के स्पष्ट निशान मौजूद थे। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर विशेषज्ञों ने मेसोअमेरिका में मानव बलि के सबसे प्राचीन प्रमाणों के रूप में उस घटना को रेखांकित किया था। अब एंटीगुओ कुस्कातलान में मिला यह नया अवशेष भी विशेषज्ञों को उन्हीं सवालों के घेरे में ले आया है।

इतिहास की समझ में नया अध्याय

पुरातत्वविद अब इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि क्या यह नया कंकाल भी किसी धार्मिक अनुष्ठान या सामाजिक बलि प्रथा का हिस्सा था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज केवल हड्डियों और मृत वस्तुओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह उन प्राचीन सभ्यताओं का आईना है जो आधुनिक देशों की भौगोलिक सीमाओं के निर्धारण से हजारों साल पहले इस धरती पर निवास करती थीं। यह शोध मध्य अमेरिका के गुमनाम इतिहास को समझने और वहां की रहस्यमयी संस्कृतियों की पहेलियों को सुलझाने में एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ने का कार्य करेगा।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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