अबान अहमद का अंतिम संस्कार: अतीक, अशरफ और असद की कब्रों के पास दफनाया जाएगा छोटा बेटा उत्तर प्रदेश 2 घंटे पहले 4
झांसी में एक भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अबान अहमद को प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अबान को उसके पिता अतीक, चाचा अशरफ और भाई असद की कब्रों के बिल्कुल बगल में दफनाया जाएगा।

प्रयागराज में होगी अंतिम विदाई

झांसी में हुए एक अत्यंत दुखद सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद का निधन हो गया है। इस घटना के बाद प्रयागराज में अतीक के बचे हुए परिजनों और समर्थकों के बीच गहरा शोक व्याप्त है। अबान अहमद के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए झांसी से प्रयागराज लाया जा रहा है। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, अबान को प्रयागराज के कसारी-मसारी स्थित पुश्तैनी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। यह स्थान पहले से ही अतीक अहमद के परिवार के लिए चर्चा का केंद्र रहा है।

कब्रिस्तान में विशेष स्थान

अबान अहमद के लिए तय की गई अंतिम विश्राम स्थली बेहद खास है। उसे ठीक उसी स्थान पर दफनाया जाएगा जहां उसके पिता अतीक अहमद, चाचा अशरफ और बड़े भाई असद की कब्रें मौजूद हैं। झांसी मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिजन अबान के शव को लेकर प्रयागराज के लिए रवाना हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि शव को पहले पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र स्थित हटवा गांव ले जाया जाएगा और उसके बाद अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की जाएंगी।

शाइस्ता परवीन की मौजूदगी को लेकर कयास

अबान अहमद के अंतिम संस्कार को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। लंबे समय से फरार चल रही अबान की मां शाइस्ता परवीन और चाची जैनब फातिमा के जनाजे में शामिल होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। गौरतलब है कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद से ही शाइस्ता और जैनब करीब साढ़े तीन साल से पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस ने इन दोनों महिलाओं पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।

पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण माहौल

अधिकारियों को आशंका है कि शाइस्ता परवीन और जैनब फातिमा बुर्के की आड़ में अबान के अंतिम दर्शन के लिए पहुंच सकती हैं। पुलिस के लिए यह एक बहुत बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि जनाजे में सैकड़ों बुर्कानशीं महिलाएं शामिल हो सकती हैं। ऐसी भीड़ में वांछित महिलाओं की पहचान करना सुरक्षाबलों के लिए काफी कठिन कार्य साबित हो सकता है। पुलिस इस संभावना को देखते हुए कब्रिस्तान और आसपास के रास्तों पर विशेष निगरानी रख रही है।

असद का एनकाउंटर और झांसी का कनेक्शन

अबान अहमद की मृत्यु का स्थान यानी झांसी, अतीक अहमद के परिवार के लिए पहले भी एक त्रासदी का गवाह बन चुका है। 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज के सुलेम सराय में उमेश पाल और दो सुरक्षाकर्मियों की हत्या के बाद से अतीक का पूरा साम्राज्य और परिवार बिखर गया था। इस मामले में अतीक, अशरफ, शाइस्ता, जैनब और अतीक के बेटों को आरोपी बनाया गया था। इसके बाद 13 अप्रैल 2023 को यूपी एसटीएफ ने इसी झांसी में अतीक के बेटे असद का एनकाउंटर कर दिया था। उस समय भी असद को इसी कसारी-मसारी कब्रिस्तान में दफनाया गया था, लेकिन उस दौरान पुलिस की सख्ती की वजह से शाइस्ता वहां नहीं पहुंच सकी थी।

अतीक और अशरफ की हत्या का इतिहास

असद के एनकाउंटर के मात्र दो दिन बाद, 15 अप्रैल 2023 को प्रदेश ने इतिहास का सबसे हैरान कर देने वाला दृश्य देखा था। पुलिस हिरासत में मेडिकल जांच के लिए काल्विन अस्पताल ले जाए जा रहे अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को लाइव कैमरे के सामने तीन हमलावरों ने गोलियों से भून दिया था। इन माफिया भाइयों को भी असद की कब्र के नजदीक ही सुपुर्द-ए-खाक किया गया था। उस समय भी पुलिस ने शाइस्ता की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया था, लेकिन वह सामने नहीं आई। अब देखना यह है कि क्या अपने सबसे छोटे बेटे की मौत पर शाइस्ता परवीन सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर अंतिम दर्शन के लिए पहुंच पाती है या नहीं।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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