राजस्थान
एक घंटा पहले
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राजस्थान में पेपर लीक की वजह से रद्द की गई वर्ष 2021 की सब इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती परीक्षा को रविवार को एक बार फिर आयोजित किया गया। इस परीक्षा का आयोजन अजमेर समेत प्रदेश के 11 प्रमुख जिलों में किया गया, जहां सुरक्षा व्यवस्था बेहद चाक-चौबंद रही। अजमेर में परीक्षा के लिए कुल 74 केंद्र बनाए गए थे, जहां प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए थे। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों में गहन जांच और सघन तलाशी के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी गई। पहली पारी की परीक्षा बिना किसी बाधा के अत्यंत शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से पूरी हुई।
प्रशासन की मुस्तैदी और केंद्रों पर कड़ी चेकिंग
रविवार को आयोजित हुई इस एसआई भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासन इस बार पूरी तरह से मुस्तैद नजर आया। अजमेर शहर के सभी 74 परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल तैनात रहा। परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों को हर स्तर पर कड़ी जांच से गुजरना पड़ा। सुरक्षा की इस कड़ाई को देखकर अभ्यर्थियों ने भी राहत की सांस ली। पहले चरण की परीक्षा खत्म होने के बाद जब अभ्यर्थी केंद्रों से बाहर निकले, तो उनके चेहरों पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। अधिकतर अभ्यर्थियों का मानना था कि पेपर का स्तर संतुलित था, वहीं कुछ के लिए यह काफी चुनौतीपूर्ण रहा।
अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया: कैसा रहा परीक्षा का स्तर?
अजमेर के संत कंवर राम स्कूल परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देकर बाहर निकले परीक्षार्थियों से जब पेपर के स्तर के बारे में बात की गई, तो अलग-अलग राय सामने आईं। नागौर से परीक्षा देने अजमेर पहुंचे अभ्यर्थी भूपेंद्र सोनी ने बताया कि उनकी परीक्षा काफी अच्छी रही है। उनके अनुसार, पेपर का स्तर मध्यम दर्जे का था। परीक्षा केंद्रों पर की गई सुरक्षा व्यवस्थाओं से भूपेंद्र काफी संतुष्ट दिखे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार उनकी तैयारी रंग लाएगी और उनका चयन निश्चित हो जाएगा।
इसी परीक्षा केंद्र से बाहर आए एक अन्य अभ्यर्थी धर्मेंद्र ने भी इस परीक्षा को लेकर अपनी राय साझा की। उन्होंने प्रश्न पत्र के कठिनाई स्तर को सरल से मध्यम की श्रेणी में रखा। धर्मेंद्र का कहना था कि इस बार परीक्षा में संधि और समास से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए थे, जिनका स्तर सामान्य था। उन्होंने प्रशासनिक तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि इस बार परीक्षा के दौरान जिस तरह की कड़ाई देखने को मिली है, उससे उम्मीद की जा सकती है कि पेपर लीक जैसी कोई भी अनहोनी या अप्रिय घटना नहीं होगी।
शब्दावली के प्रश्नों ने बढ़ाई कुछ अभ्यर्थियों की मुश्किलें
जहां कुछ अभ्यर्थी पेपर को सरल और मध्यम मान रहे थे, वहीं रविंद्र नाम के अभ्यर्थी के लिए यह परीक्षा काफी कठिन रही। रविंद्र ने बताया कि परीक्षा में पूछे गए शब्दावली से संबंधित सवाल काफी मुश्किल थे, जिसकी वजह से उन्हें पेपर का स्तर काफी कठिन लगा। उनका मानना है कि दूसरी पारी की परीक्षा संपन्न होने के बाद ही वे पूरी तरह से इस बात का सटीक आकलन कर पाएंगे कि उनका कुल प्रदर्शन कैसा रहा।
पहली पारी के शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त होने के बाद अब सभी की निगाहें पूरी चयन प्रक्रिया के निष्पक्ष समापन पर टिकी हैं, ताकि लंबे समय से मेहनत कर रहे युवाओं को उनका हक मिल सके।
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