Sirohi के Tapovan में कमाल, Neem और Gomutra के फॉर्मूले से खेतों से गायब हुए कीड़े राजस्थान एक महीने पहले 50
Sirohi जिले के Amthala स्थित Tapovan में किसान रसायनों का इस्तेमाल किए बिना जैविक तरीके से फसलों की सुरक्षा कर रहे हैं। यहां खास देसी घोल के जरिए कीटों पर काबू पाया जा रहा है।

जैविक खेती का सफल मॉडल

Sirohi जिले के Amthala में स्थित Tapovan इन दिनों जैविक और यौगिक खेती के एक बेहतरीन उदाहरण के रूप में सामने आया है। यहां फसलों को सुरक्षित रखने के लिए किसी भी तरह के घातक केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, बल्कि पूरी तरह से प्राकृतिक और देसी तरीकों पर जोर दिया जा रहा है।

कैसे काम करता है यह देसी घोल

फसलों को बीमारियों और कीटों से बचाने के लिए यहां एक विशेष मिश्रण तैयार किया जाता है। इस जैविक घोल में मुख्य रूप से निम्नलिखित सामग्री शामिल होती है:

  • Neem की पत्तियां
  • Gomutra
  • Gobar
  • विभिन्न औषधीय पौधों की पत्तियां

इन कीटों पर मिलता है असरदार नियंत्रण

यह प्राकृतिक मिश्रण फसलों के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है। इसके नियमित छिड़काव से खेतों में लगने वाले कई तरह के हानिकारक कीट प्रभावी ढंग से नियंत्रित हो जाते हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • माहू
  • सफेद मक्खी
  • कैटरपिलर
  • अन्य नुकसानदेह कीड़े

खेती में सकारात्मक बदलाव

केमिकल-फ्री खेती अपनाकर यहां फसल की क्वालिटी में सुधार देखा गया है। यह मॉडल न केवल मिट्टी की सेहत बनाए रखने में मददगार है, बल्कि आसपास के अन्य किसानों को भी टिकाऊ और सुरक्षित कृषि के प्रति प्रेरित कर रहा है। बिना जहर वाली खेती की यह तकनीक कम लागत में बेहतर परिणाम देने का एक सशक्त माध्यम बन गई है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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