Adhik Maas Shivratri 2026: अधिकमास शिवरात्रि पर करें इस महामंत्र का जाप, अकाल मृत्यु, रोग और भय से मिलेगी मुक्ति! धर्म एक घंटा पहले 2
13 जून शनिवार को अधिकमास शिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की विधिवत पूजा के साथ महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से अकाल मृत्यु, असाध्य रोग और अनजाने भय का नाश माना जाता है।

आज 13 जून, शनिवार को अधिकमास शिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन श्रद्धालु व्रत धारण कर भगवान शिव की विधि-विधान से आराधना करते हैं। माना जाता है कि इस अवसर पर सच्चे मन से की गई शिव पूजा और मंत्र जाप से जीवन के अनेक संकट दूर होते हैं।

अधिकमास शिवरात्रि पर पूजा की विधि

इस दिन व्रत रखकर महादेव की पूजा करने का विशेष महत्व है। भक्त भगवान शिव को बेलपत्र, गंगाजल, गाय का दूध, भांग, धतूरा, फूल, माला, फल और नैवेद्य आदि अर्पित करते हैं। पूजा के क्रम में शिव चालीसा का पाठ करने के बाद शिवरात्रि व्रत कथा सुनी जाती है। इसके पश्चात रुद्राक्ष की माला से भगवान शिव के मंत्रों का जाप किया जाता है।

किन्हें करना चाहिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप

कुछ लोगों को अकाल मृत्यु का भय, असाध्य रोग और अनजाना डर सताता रहता है। ऐसे लोगों के लिए भगवान शिव के सबसे शक्तिशाली मंत्र महामृत्युंजय का जाप करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

महामृत्युंजय जाप से पुण्य लाभ

अधिकमास शिवरात्रि के इस विशेष दिन पर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करके भक्त पुण्य लाभ अर्जित कर सकते हैं। मान्यता है कि इस महामंत्र के प्रभाव से अकाल मृत्यु, रोग और भय जैसे सभी कष्टों का नाश होता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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