भारतीय वायुसेना में शामिल होने से एक दिन पहले युवक की हत्या, पुलिस ने ऐसे किया साजिश का पर्दाफाश क्राइम एक घंटा पहले 4
मध्य प्रदेश के बैतूल में एयर फोर्स में भर्ती होने वाले एक युवक की निर्मम हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। जमीन हथियाने की नीयत और पुरानी दुश्मनी के चलते चचेरे भाइयों और बहनोई ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था।

बैतूल में सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में एक बेहद दुखद और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां भारतीय वायुसेना में भर्ती होने जा रहे एक होनहार युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने गहन तकनीकी जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर इस हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है। हत्या की यह साजिश जमीन हड़पने की लालच और वर्षों से चली आ रही पुरानी रंजिश का नतीजा थी। इस मामले में पुलिस ने मृतक के दो चचेरे भाइयों और एक बहनोई को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने वारदात को दुर्घटना या गुमशुदगी दिखाने का पूरा प्रयास किया था।

घटना की शुरुआत और गुमशुदगी की रिपोर्ट

यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब 25 जुलाई 2026 को आठनेर थाने में ग्राम पुसली निवासी मोहित पिता मंचित गलफट की गुमशुदगी दर्ज कराई गई। मोहित के परिवार वाले उसकी तलाश में जुटे थे कि अगले ही दिन, यानी 26 जुलाई 2026 को परिजनों ने खेत के पास उसके जूते और मोबाइल फोन संदिग्ध स्थिति में पड़े होने की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही आठनेर थाना प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह परिहार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। वहां की परिस्थितियों को देखकर पुलिस को शुरुआत से ही मामला संदिग्ध लगा और उन्होंने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद 26 जुलाई 2026 को ही सीन ऑफ क्राइम एक्सपर्ट निरीक्षक आबिद अंसारी ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की और महत्वपूर्ण भौतिक व तकनीकी सबूत जुटाए। एसडीआरएफ की टीम ने खेत में मौजूद लगभग 3 से 4 कुओं की तलाशी ली, जिसमें से एक कुएं से मोहित का शव बरामद हुआ। शव के गले पर तार के कसने के स्पष्ट निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धाराओं 103(1) और 238 BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया।

साजिश का असली मकसद और वजह

विशेष जांच दल द्वारा की गई पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण से इस हत्या के पीछे की भयावह साजिश सामने आई। जांच में पता चला कि हत्या की योजना लगभग 20 दिन पहले ही तैयार कर ली गई थी। मृतक मोहित की बहन शिवानी ने राजा मस्की के साथ प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से ही राजा मस्की की नजर अपने ससुर मंचित गलफट की लगभग 7 से 8 एकड़ कृषि भूमि पर थी। आरोपी को लगता था कि यदि मोहित जीवित रहा, तो भविष्य में वह इस जमीन का असली वारिस होगा। उसे उम्मीद थी कि मोहित के रास्ते से हट जाने पर उसकी पत्नी शिवानी के जरिए वह पूरी जमीन पर कब्जा कर लेगा।

दूसरी ओर, आरोपी संजय और आकाश के परिवार का भी मोहित और उसके पिता के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। यह विवाद खेतों की सिंचाई, पाइप लाइन बिछाने, कुएं के पानी के उपयोग और खेत में पार्टी करने जैसी बातों को लेकर था। इन पारिवारिक झगड़ों ने मनमुटाव को गहरी दुश्मनी में बदल दिया था। जांच में यह तथ्य भी निकलकर आया कि जब संजय और आकाश ने अपने घर में इस विवाद का जिक्र किया, तो आकाश के पिता नारायण ने भी उन्हें मोहित को जान से मारने के लिए उकसाया और घटना के बाद उन्हें बचाने का भरोसा दिया।

वायुसेना में चयन बना हत्या की तात्कालिक वजह

आरोपियों को यह खबर मिल चुकी थी कि मोहित का चयन भारतीय वायुसेना में हो गया है और उसे 26 जुलाई 2026 को प्रशिक्षण के लिए रवाना होना है। उन्हें डर था कि अगर मोहित नौकरी करने चला गया, तो उनकी जमीन कब्जाने की योजना हमेशा के लिए विफल हो जाएगी। इस मजबूरी और लालच के कारण उन्होंने हत्या की साजिश को अंजाम देने का निर्णय लिया। उन्होंने तय किया कि हत्या इस तरह से की जाएगी कि पुलिस इसे दुर्घटना या गुमशुदगी मानकर गुमराह हो जाए।

हत्या की खौफनाक रात

25 जुलाई 2026 की रात मोहित एयर फोर्स में चयन की खुशी में गांव के मंदिर में प्रसाद चढ़ाने के लिए निकला था। वह गांव की दुकान से सोनपापड़ी खरीदकर घर लौट रहा था। इसी दौरान संजय और आकाश उसे मिल गए और उसे दूसरे मंदिर चलने का बहाना बनाकर मोटरसाइकिल पर बैठा लिया। वे उसे गांव से दूर अपने खेत पर बनी एक झोपड़ी में ले गए, जहां राजा मस्की पहले से ही घात लगाकर बैठा था।

झोपड़ी में पहुंचते ही तीनों आरोपियों ने मोहित को दबोच लिया। संजय और राजा ने उसके हाथ पकड़ लिए, जबकि आकाश ने उसके गले में तार लपेटकर उसे इतनी जोर से खींचा कि मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई। हत्या करने के बाद आरोपियों ने शव को बोरी में भरा और खेत में बने तीसरे कुएं में फेंक दिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए उन्होंने जूते दूसरे कुएं के पास रख दिए और संघर्ष के झूठे निशान पहले कुएं के पास बना दिए। उन्हें लगा था कि उन्होंने कोई ऐसा स्थान चुना है जहां कोई आता-जाता नहीं है, इसलिए वे कभी पकड़े नहीं जाएंगे। हालांकि, पुलिस की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच ने उनके इस षड्यंत्र के हर पहलू को बेनकाब कर दिया।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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