धर्म
2 घंटे पहले
5
विचारों
सफाई अभियान के दौरान सामने आया हैरान करने वाला सच
राजधानी दिल्ली में कन्हैया नगर मेट्रो स्टेशन के नजदीक स्थित मुनक नहर की सूरत अब काफी बदल चुकी है। हाल ही में यहाँ एक बड़े स्तर पर महा स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसके बाद नहर और उसके आसपास जमा वर्षों पुराना कूड़ा-करकट हटा दिया गया है। इस सफाई प्रक्रिया के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला दृश्य तब देखने को मिला, जब कचरे के ढेर के नीचे से करीब 35 किलो वजनी एक शिवलिंग बरामद हुआ। सिर्फ यही नहीं, इस दौरान नहर के तल और किनारों से 400 से लेकर 500 की संख्या में विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियां और अन्य धार्मिक प्रतीक भी मिले हैं, जिन्हें लंबे समय से गंदगी में फेंक दिया गया था।
संयुक्त प्रयासों से बदला नहर का स्वरूप
नहर को स्वच्छ बनाने के इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए कई संस्थाएं और विभाग एकजुट हुए। इस अभियान में मुख्य रूप से स्वस्ति दास सेवा संस्थान (SDSS), वजीरपुर की टीम के साथ-साथ दिल्ली नगर निगम (MCD) और लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सक्रिय भूमिका निभाई। सफाई की इस मुहिम में SDSS के 250 से अधिक युवा स्वयंसेवक शामिल थे, जिन्होंने बड़ी मेहनत से कचरा साफ करने में योगदान दिया। इसके अतिरिक्त, MCD के 50 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने आधुनिक मशीनों के साथ इस सफाई कार्य को अंजाम दिया, जबकि PWD की टीम ने रिवर क्लीनअप यानी नदी और नहर की सफाई में अपनी तकनीकी सहायता प्रदान की।
लंबे समय से मलबे में दबी थीं धार्मिक सामग्री
अभियान में शामिल स्वयंसेवकों ने बताया कि जब वे नहर से मलबा और जमा गंदगी हटा रहे थे, तभी उन्हें धार्मिक मूर्तियां मिलने लगीं। टीम के अनुसार, यह 30 से 35 किलो वजन वाला शिवलिंग लंबे समय से कूड़े के बीच दबा हुआ था, जिसे बाहर निकाला गया। इसके अलावा, सफाई के दौरान सैकड़ों की संख्या में छोटी और बड़ी मूर्तियों व आस्था से जुड़ी अन्य सामग्री को ससम्मान बाहर निकाला गया। इस पूरे इलाके को अब कचरा मुक्त कर दिया गया है, जिससे यह स्थान पहले की तुलना में काफी स्वच्छ और व्यवस्थित दिखाई दे रहा है।
साफ-सफाई के बाद अधिकारियों की अपील
स्वस्ति दास सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष विनय दास ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मुनक नहर को साफ करने के लिए पिछले छह महीनों के भीतर यह उनका चौथा बड़ा अभियान रहा है। इस मुहिम का प्राथमिक लक्ष्य केवल नहर की सफाई करना ही नहीं, बल्कि आम जनता को जलस्रोतों के संरक्षण और उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूक करना भी है। वहीं, सफाई अभियान के बाद MCD के केशवपुरम जोन के उपायुक्त मोहन बंसल ने भी स्थानीय लोगों से एक गंभीर अपील की है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वे इस स्वच्छता को बनाए रखें और भविष्य में नहर के भीतर दोबारा किसी भी प्रकार का कूड़ा, मलबा या धार्मिक सामग्री विसर्जित न करें ताकि जलस्रोत सुरक्षित और साफ बने रहें।
Comments
0 comment