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2 घंटे पहले
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महेश दीक्षित बने इंटेलिजेंस ब्यूरो के नए मुखिया
केंद्र सरकार ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी महेश दीक्षित को देश की प्रमुख आंतरिक खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी आईबी का नया निदेशक नियुक्त किया है। इस बड़ी नियुक्ति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति की मंजूरी प्राप्त हुई है। महेश दीक्षित अब तक एजेंसी के प्रमुख रहे तपन कुमार डेका से कार्यभार ग्रहण करेंगे।
दो वर्षों का कार्यकाल
आंध्र प्रदेश कैडर के 1993 बैच के अधिकारी महेश दीक्षित को आगामी 2 वर्षों के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। आधिकारिक सूचना के अनुसार, वे पदभार संभालने की तारीख से अपने कार्यकाल तक सेवा देंगे। वर्तमान में वे इंटेलिजेंस ब्यूरो में स्पेशल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें आईबी प्रमुख के रूप में काम करने के लिए ऑल इंडिया सर्विसेज नियमों और वित्तीय नियमों के तहत विशेष सेवा विस्तार भी प्रदान किया गया है।
जम्मू-कश्मीर और सुरक्षा अभियानों का लंबा अनुभव
महेश दीक्षित को भारतीय खुफिया तंत्र के सबसे सक्षम अधिकारियों में से एक माना जाता है। उनका अधिकांश करियर चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में बीता है। विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में उन्होंने लंबी पारी खेली है। उन्होंने श्रीनगर में आईबी के सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो प्रमुख के तौर पर अपनी सेवाएं दी हैं। वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद घाटी में सुरक्षा स्थिति को नियंत्रित करने और खुफिया ऑपरेशंस को अंजाम देने में उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही थी।
आतंकवाद विरोधी अभियानों में विशेषज्ञता
महेश दीक्षित के पास आतंकवाद विरोधी अभियानों का गहरा अनुभव है। उन्होंने पाकिस्तान समर्थित घुसपैठ को नाकाम करने और देश विरोधी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए कई संवेदनशील ऑपरेशंस का नेतृत्व किया है। इसके साथ ही, उन्होंने वामपंथी उग्रवाद या नक्सलवाद जैसे गंभीर सुरक्षा मुद्दों पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बदलते समय में जब आंतरिक सुरक्षा के सामने नई चुनौतियां खड़ी हैं, ऐसे में दीक्षित का जमीनी अनुभव देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूती देने वाला साबित होगा।
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