राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
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कर्नाटक सरकार पर घोटाले के गंभीर आरोप
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की सबसे अधिक चर्चा में रहने वाली योजना 'गृह लक्ष्मी' अब एक बड़े राजनीतिक विवाद के घेरे में आ गई है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सी.टी. रवि ने प्रदेश सरकार पर 5000 करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला करने और राज्य की 1.27 करोड़ महिलाओं के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मुद्दे ने राज्य में सरकार के खिलाफ एक नई सियासी जंग छेड़ दी है।
विधानसभा और हाई कोर्ट में अलग-अलग तर्क
भाजपा नेता सी.टी. रवि ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी बात रखते हुए कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के हक का पैसा नहीं देकर उनके साथ धोखाधड़ी की है। रवि के अनुसार, फरवरी और मार्च 2025 के दौरान सरकार 1.27 करोड़ महिला लाभार्थियों को मिलने वाली 5000 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान करने में नाकाम रही।
इस मामले में सरकार का दोहरा चेहरा भी सामने आया है। जब कर्नाटक विधानसभा में इस भुगतान को लेकर सवाल किया गया, तो सरकार ने तकनीकी खामी का हवाला देते हुए इसे सर्वर की समस्या बताया। हालांकि, जब यही मामला कर्नाटक हाई कोर्ट में पहुंचा, तो सरकार ने पूरी तरह से अलग रुख अपनाते हुए प्रदेश के गंभीर वित्तीय संकट का हवाला दिया। भाजपा नेता का कहना है कि विधानसभा में एक बहाना और कोर्ट में दूसरा तर्क देना यह दर्शाता है कि सरकार इस मामले में सच छुपा रही है।
फंड ट्रांसफर और वित्तीय नियमों का उल्लंघन
सी.टी. रवि ने फंड ट्रांसफर प्रक्रिया में धांधली का दावा भी किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 31 मार्च 2025 को सरकारी खजाने से 2,660.26 करोड़ रुपये की सार्वजनिक राशि को लैप्स होने से बचाने के नाम पर केएसडब्ल्यूडीसी कॉर्पोरेशन के एक कमर्शियल बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया। उनके मुताबिक, यह पूरी प्रक्रिया वित्तीय नियमों का खुला उल्लंघन है और इस तरह के सरकारी फंड को निजी कमर्शियल बैंक में रखना सवालों के घेरे में है।
महिलाओं के अधिकार पर तीखा प्रहार
बीजेपी नेता ने राज्य सरकार के उस रुख पर भी कड़ा एतराज जताया है, जिसमें कथित तौर पर कहा गया कि महिला लाभार्थियों को अपना बकाया पैसा न मिलने पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है। सी.टी. रवि ने इसे राज्य की माताओं और बहनों का अपमान बताया है।
रवि ने कड़े शब्दों में कहा कि कांग्रेस सरकार ने अदालत में दाखिल अपने हलफनामे के जरिए अपनी हकीकत बयां कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा इस मामले को इतनी आसानी से दबने नहीं देगी। उनका कहना है कि 5000 करोड़ रुपये की जो राशि लाभार्थियों को मिलनी चाहिए थी, वह उन तक बिना किसी और देरी के पहुंचाई जानी चाहिए। भाजपा का दावा है कि वे राज्य की महिलाओं के साथ मजबूती से खड़े हैं और तब तक संघर्ष जारी रखेंगे जब तक कि प्रत्येक लाभार्थी को उनका पूरा हक और बकाया राशि वापस नहीं मिल जाती।
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