उपनाम: विष्णुपद मंदिर
पितृपक्ष: गयाजी की 45 पिंड वेदियां और 3 तर्पण स्थलों का महत्व, जानिए 1 से 17 दिनों तक के श्राद्ध की विधि
गयाजी को पितरों को मोक्ष दिलाने वाला पवित्र स्थान माना जाता है, जहां श्रद्धालु अपनी सुविधा और परंपरा के अनुसार 1 से लेकर 17 दिनों तक का श्राद्ध कर्म करते हैं।
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2 सप्ताह पहले
पितृपक्ष 2026: गयाजी में पिंडदान का क्यों है इतना महत्व, क्या है इसके पीछे की पौराणिक कथा?
पितृपक्ष के दौरान गयाजी में पिंडदान करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है, जिसे पूर्वजों की मुक्ति और सात पीढ़ियों के उद्धार के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। जानिए इस पवित्र नगरी और पिंडदान से जुड़ी मान्यताओं का विशेष विवरण।
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एक महीने पहले
गया के पत्थरकट्टी गांव में बनती हैं 100 रुपये से 20 लाख तक की मूर्तियां, काले पत्थर ने दिलाई वैश्विक पहचान
बिहार के गया जिले के पत्थरकट्टी गांव में अहिल्याबाई होल्कर के दौर से काले पत्थर की मूर्तिकला फल-फूल रही है। यहां आज भी 3000 से अधिक मूर्तिकार हैं और 100 रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक की मूर्तियां तैयार की जाती हैं।
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3 महीने पहले