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उज्जैन महाकाल मंदिर: भस्म आरती बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव, अब 90 दिनों में सिर्फ एक बार मिलेगा मौका
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन ने भस्म आरती की बुकिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में बदलाव किया है। अब एक मोबाइल नंबर और आधार कार्ड का उपयोग करके तीन महीने में केवल एक बार ही दर्शन के लिए रजिस्ट्रेशन हो पाएगा।
महाकाल भस्म आरती लाइव: घर बैठे करें बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन, मंगलवार को हुआ विशेष श्रृंगार
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में 23 जून 2026 को ब्रह्म मुहूर्त में भस्म आरती का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की दिव्य छवि के दर्शन किए।
निर्जला एकादशी 2026: 25 जून को रखा जाएगा व्रत, पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट अभी नोट कर लें
ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी निर्जला एकादशी इस बार 25 जून को मनाई जाएगी। भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए इस व्रत का विशेष महत्व है, यहां जानें पूजा की पूरी तैयारी और सामग्री की जानकारी।
कामाख्या मंदिर में अंबुवाची मेले की शुरुआत: आज रात से तीन दिन बंद रहेंगे कपाट, जानें क्या है इसका महत्व
कामाख्या मंदिर में वार्षिक अंबुवाची मेले का आयोजन शुरू हो गया है, जिसके तहत आज रात देवी के रजस्वला काल की शुरुआत होगी और अगले तीन दिनों तक मंदिर के कपाट बंद रहेंगे।
मासिक दुर्गाष्टमी 22 जून को, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा करने का सही तरीका
हर महीने आने वाली मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत इस बार 22 जून को मनाया जाएगा। मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए श्रद्धालु इस दिन विधि-विधान से पूजा और मंत्रों का जाप करते हैं।
मासिक दुर्गाष्टमी: इस शुभ अवसर पर करें दुर्गा चालीसा का पाठ, जीवन में आएगी सुख-समृद्धि
22 जून को मासिक दुर्गाष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। इस विशेष दिन पर मां दुर्गा की आराधना और दुर्गा चालीसा का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
दुर्गाष्टमी व्रत 22 जून: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सोमवार का पंचांग
सोमवार, 22 जून 2026 को ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है और इस दिन दुर्गाष्टमी का विशेष व्रत रखा जाएगा। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए दिनभर के शुभ मुहूर्त और प्रमुख समय की जानकारी।
महाकाल भस्म आरती: उज्जैन में बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार, भक्तों ने किए दर्शन
19 जून 2026 को उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त में बाबा महाकाल की विशेष भस्म आरती और श्रृंगार किया गया, जिसमें देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।