उपनाम: धार्मिक परंपराएं
कृष्ण जन्माष्टमी 2026: पूजा में खीरे का इस्तेमाल क्यों है अनिवार्य, जानिए नाल छेदन का गहरा अर्थ
कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर पूजा में खीरे का विशेष महत्व होता है। यह सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि भगवान कृष्ण के जन्म से जुड़ी एक पवित्र परंपरा 'नाल छेदन' का प्रतीक है, जिसके पीछे का रहस्य और विधि जानना हर भक्त के लिए जरूरी है।
जन्माष्टमी विशेष: तेलंगाना की अद्भुत परंपरा, घर के आंगन में खुद चलकर आते हैं नटखट कन्हैया
तेलंगाना में जन्माष्टमी के अवसर पर 'कृष्णा पादालु' नाम की एक बेहद खास परंपरा निभाई जाती है, जिसमें चावल के आटे से बाल गोपाल के छोटे-छोटे पदचिह्न बनाए जाते हैं। मान्यता है कि इन निशानों के जरिए भगवान कृष्ण घर में प्रवेश करते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद...
शादी के बाद पहले साल में भूलकर भी न करें ये 5 काम, वैवाहिक जीवन में आ सकती है खटास
शादी के बाद का पहला साल हर किसी के लिए बेहद खास होता है, लेकिन कुछ पारंपरिक नियमों को नजरअंदाज करना आपके रिश्ते पर असर डाल सकता है। यहाँ उन 5 महत्वपूर्ण कार्यों के बारे में बताया गया है, जिनसे नवविवाहित महिलाओं को एक साल तक परहेज करना चाहिए।
आयतुल्ला अली खामेनेई की सुपुर्द-ए-खाक की रस्में शुरू, जानें इस्लामी परंपरा में क्या है अंतिम सफर का महत्व
ईरान के मरहूम रहबर-ए-आला आयतुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है, जिसमें तेहरान से मशहद तक कई दिनों के कार्यक्रम तय किए गए हैं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि इस्लाम धर्म में अंतिम संस्कार की रस्में किस तरह पूरी की ज...
शास्त्र और परंपराएं: पिता के जीवित रहते बेटों को टालने चाहिए ये चार काम, जानिए इसके पीछे की मान्यता
भारतीय संस्कृति में पिता को परिवार का संरक्षक और मार्गदर्शक माना गया है। परंपराओं के अनुसार पिता के जीवित रहते बेटों को कुछ खास कार्यों से बचना चाहिए, जो सम्मान और संस्कार का प्रतीक हैं।